बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (BU) के जवाहर छात्रावास में रैगिंग से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल में 9 अक्टूबर को एक नई शिकायत दर्ज हुई, जिसमें एक जूनियर छात्र ने हॉस्टल में रह रहे सीनियर छात्र हर्ष चतुर्वेदी और वॉर्डन
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बीयू में हुई जांच में पता चला कि हर्ष चतुर्वेदी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हॉस्टल में प्रवेश लिया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी छात्र को संस्थान और छात्रावास, दोनों से निष्कासित कर दिया है।
सभी हॉस्टल में चलेगा वैरिफिकेशन अभियान बीयू से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे अन्य छात्रों की भी शिकायतें मिली हैं जो फर्जी तरीके से हॉस्टल में रह रहे हैं। ऐसे में अब सभी हॉस्टल में वैरिफिकेशन अभियान चलाया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और नए छात्रों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही, अब जूनियर और सीनियर छात्रों को अलग-अलग हॉस्टल में रखा जाएगा।
बच्चों का फोन नहीं उठाते वॉर्डन हॉस्टल के वॉर्डन पर भी पीड़ित छात्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने शिकायत में लिखा कि वॉर्डन डॉ. कपिल सोनी को कई बार मामले की गंभीरता बताने और शिकायत करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
जाली सिग्नेचर कर तैयार किया था लेटर
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हर्ष चतुर्वेदी ने BUIT (Barkatullah University Institute of Technology) में दाखिले के लिए विभागाध्यक्ष (HOD) के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग किया था। उसके छात्रावास आवेदन फॉर्म पर न तो फोटो था, न ही सही दस्तावेज संलग्न थे। यही नहीं, फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर भी गलत था, जिससे संस्थान अब तक छात्र से संपर्क नहीं कर सका है।
तीन महीने में सिर्फ एक क्लास अटेंड की बीयू प्रबंधन ने जब संबंधित विभाग से छात्र हर्ष की रिपोर्ट मांगी, तो कई खामियां सामने आईं। पता चला कि हर्ष ने बीते तीन महीनों में सिर्फ एक क्लास अटेंड की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटी रैगिंग समिति के सुझाव पर आरोपी छात्र को निष्कासित कर दिया।
शिकायतकर्ता से संपर्क का प्रयास जारी अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने उस छात्र से भी संपर्क करने की कोशिश की जिसने शिकायत की थी। कई बार कॉल करने के बावजूद वह संपर्क में नहीं आ सका। फिर भी प्रशासन ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया।