Public Opinion: बिजली नहीं तो फसल कैसे होगी, विभाग के 10 घंटे वाले फरमान पर रो पड़े किसान!

Public Opinion: बिजली नहीं तो फसल कैसे होगी, विभाग के 10 घंटे वाले फरमान पर रो पड़े किसान!


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Public Opinion: 10 घंटे से एक मिनट भी ज्यादा बिजली दी गई तो ऑपरेटर की एक दिन की सैलरी कटेगी. यह आदेश 3 नवंबर को जारी हुआ. ऐसे में यह आदेश न सिर्फ विद्युत विभाग के कर्मचारियों को परेशान करने वाला बल्कि उस किसान के लिए भी है, जो खेती करता है. आइए जान लेते है क्या है पूरा मामला.

Public Opinion: बेमौसम बारिश से खरीफ की फसल में किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. वहीं, रबी की बुआई से पहले सरकार का फरमान जारी हुआ है. इसमें मध्य विद्युत वितरण कंपनी कृषि फीडरों पर अगर किसी दिन 10 घंटे से एक मिनट भी ज्यादा बिजली दी गई तो ऑपरेटर की एक दिन की सैलरी कटेगी. दो दिन ऐसा हुआ तक ऐसा हुआ तो जेई की, पांच दिन बाद डीजीएम और सातवें दिन जीएम की खैर नहीं. यह आदेश 3 नवंबर को जारी हुआ. ऐसे में यह आदेश न सिर्फ विद्युत विभाग के कर्मचारियों को परेशान करने वाला बल्कि उस किसान के लिए भी है, जो खेती करता है. ऐसे में लोकल18 ने बालाघाट से पांच किलोमीटर दूर गोंगलाई के किसानों से बातचीत की और जानने की कोशिश की वह सरकार के इस फैसले के बारे में क्या सोचते हैं.

इस आदेश पर हमने सुंदरलाल पटले से बात की उन्हें जब आदेश के बारे में पता चला तो उनका कहना है कि अगर बिजली नहीं मिलेगी, तो खेती कैसे करेंगे. वह रबी में धान ही लगाते हैं. ऐसे में धान को ज्यादा सिंचाई की जरूरत पड़ती है. वहीं, खेतों में नहर का पानी भी नहीं आता है. ऐसे में सिंचाई के लिए कुआं खुदवाया है. अगर 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिली तो सिंचाई कैसे होगी और सिंचाई नहीं होगी, फसल कैसे पकेगी. ऐसे में सरकार को ये फैसला वापस लेना चाहिए.

10 घंटे में कैसे धान पकेगी
राजेंद्र पटले ने बताया कि उनका दो एकड़ खेत है. वहीं, बेमौसम बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ है. ऐसे में अब सोचा है कि रबी में धान लगाकर इसकी भरपाई करना चाह रहे थे. लेकिन सरकार का ये फैसला काफी हैरान करने वाला है. ऐसे में किसान खेती कैसे करेगा. अगर किसान दो एकड़ में धान लगाता है, तो उसे ज्यादा सिंचाई की जरूरत पड़ती है. ऐसे में 10 घंटे की सिंचाई से धान नहीं पक सकती है. ऐसे में सरकार को खेतों में 24 घंटे बिजली देना चाहिए.

कम पानी वाली फसलें भी नहीं लगा सकते
गोंगलई के रहने वाले राहुल टेंभरे ने बताया कि बालाघाट में रबी में भी धान की खेती होती है. ऐसे में इस खेती में सबसे ज्यादा की पानी की जरूरत पड़ती है. ऐसे में किसान भाइयों को इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि धान की खेती में पानी कम न पड़े. ऐसे में सरकार को ध्यान रखना चाहिए की पानी की कमी न हो. जिले में न तो नहरें अच्छी नहीं दूसरी सुविधाएं. ऐसे में सिंचाई के लिए एकमात्र साधन सिर्फ बिजली से मोटर या ट्यूबवेल लगाकर सिंचाई की जा सकती है. वहीं युवा किसान वारिस पटले ने बताया कि किसानों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली दी जानी चाहिए.

सख्त कार्रवाई का आश्वासन
सीएम यादव ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को मिलने वाली सभी सुविधाओं पर कायम है. कृषि कार्य के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी ऐसे उल्टे-सीधे आदेश जारी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह कदम उठाकर सरकार ने किसानों का विश्वास जीतने की कोशिश की है.

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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