Success Story: गेहूं-चना को किया अलविदा, इस फूल की खेती ने बदली किसान की किस्मत, 6 महीने में कमाए 2 लाख

Success Story: गेहूं-चना को किया अलविदा, इस फूल की खेती ने बदली किसान की किस्मत, 6 महीने में कमाए 2 लाख


खरगोन. मध्य प्रदेश के किसान खेती का तरीका बदलकर समृद्धि की और तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां कभी खेतों में कपास, सोयाबीन और गेहूं की फसलें लहलहाती थीं. वहीं अब बागवानी और फूलों की खुशबू ने किसानों के जीवन में नई रोशनी ला दी है. खरगोन जिले के मंडलेश्वर निवासी प्रवेश पाटीदार ने इस बदलाव की मिसाल पेश की है. उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़ फूलों की खेती अपनाई और अब हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं.

लोकल 18 से बातचीत में किसान प्रवेश पाटीदार बताते हैं कि, कई वर्षों तक कपास, सोयाबीन, गेहूं और चना की खेती करते रहे, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं मिल रही थी. ऐसे में उन्होंने खेती में कुछ नया करने की ठानी और बागवानी की ओर रुख किया. शुरुआत में उन्होंने अपने खेत के छोटे से हिस्से में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जो आज उनकी पहचान बन चुकी है.

पीला और ऑरेंज गेंदा ने बदली किस्मत
उन्होंने बताया कि शुरुआत में रतलाम से ‘यश येलो’ (हाइब्रिड मैरीगोल्ड) किस्म के पौधे मंगवाकर लगाए थे. इसके साथ ही उन्होंने ऑरेंज गेंदा की वैरायटी भी लगाई. दोनों किस्मों के फूलों ने खेत को रंगों से सजा दिया. सुगंधित खुशबू और चमक की वजह से पहले ही सीजन में उन्हें अच्छा मुनाफा मिला, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया.

1 बीघा से 2 लाख की कमाई
आज प्रवेश अपने 1 बीघा खेत से हर छह महीने में डेढ़ से दो लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं. यानी साल में करीब 4 लाख रुपए कमा रहे है. खास बात यह है कि फूलों की खेती में लागत भी कम आती है. एक फसल पर उनकी लागत करीब 30 से 40 हजार रुपये बैठती है, जबकि आमदनी कई गुना अधिक होती है. गेंदा की फसल में बुआई के करीब 45 दिन बाद ही फूल आना शुरू हो जाते हैं और लगभग छह महीने तक लगातार उत्पादन होता रहता है.

सीजन में मिलता है अधिक भाव
वे बताते है, गेंदा फूल की मांग पूरे साल बनी रहती है. चाहे त्योहार हो, शादी-ब्याह या धार्मिक आयोजन. व्यापारी कई बार सीधे खेत पर आकर फूल खरीद लेते हैं, जिससे तुड़ाई और ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बच जाता है. सीजन में भाव अच्छे मिलते हैं, जिससे किसानों की आमदनी और बढ़ जाती है. प्रवेश के मुताबिक, पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की खेती से 25 से 30 प्रतिशत अधिक मुनाफा होता है.

अन्य किसानों को भी करे रहे प्रेरित
यही वजह है कि अब आसपास के कई किसान भी उनसे प्रेरित होकर फूलों और सब्जियों की खेती करने लगे हैं. वे खुद भी अन्य किसानों को बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते है. कहा कि — अगर किसान समय के साथ खेती में बदलाव करें, तो खेती घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का सौदा बन सकती है. किसानों को चाहिए कि सही तकनीक और पूरी जानकारी के थोड़े हिस्से में शुरुआत करें. नए प्रयोग करने से डरे नहीं.



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