Tiger Reserve: MP के संजय टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी शुरू, बेहद कम रेट में देख सकेंगे जंगल का रोमांच

Tiger Reserve: MP के संजय टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी शुरू, बेहद कम रेट में देख सकेंगे जंगल का रोमांच


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Sanjay Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व अब पर्यटकों के लिए और भी रोमांचक बन गया है. नवंबर से यहां नाइट सफारी की शुरुआत की गई है, जिससे अब पर्यटक रात में भी जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों का नजारा देख सकेंगे. जानें पूरी डिटेल…

संजय टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ और पलामू टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारे के रूप में भी जाना जाता है. अब यहां शुरू हुई नाइट सफारी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है.

Night Safari

इसकी बुकिंग ऑनलाइन और विभाग के काउंटरों से की जा सकती है. इसमें नाइट सफारी सैलानी शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक जंगल के लगभग 25 से 30 किलोमीटर के क्षेत्र में घूम सकते हैं. यह सफारी रिजर्व के बफर जोन में कराई जाती है.

Reserve

संजय टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुआ, सुस्त भालू, चीतल, सांभर, नीलगाय, चिंकारा और जंगली सूअर जैसे कई जानवर देखे जा सकते हैं. इसके अलावा, यहां धोल, भेड़िया, गीदड़, लोमड़ी, साही, चौसिंघा, बार्किंग डियर, जंगली बिल्ली, पाइथन और भारतीय हाथी जैसे अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं.

Safari tour cost

धर्मेंद्र भूर्तिया टाइगर रिजर्व के टूरिस्ट गाइड के जानकारी मुताबिक 6 लोगों के समूह के लिए जिप्सी परमिट शुल्क 3500, गाइड चार्ज 800 और जिप्सी किराया 3000 हजार रुपए तय किया गया है. इस प्रकार प्रति व्यक्ति लगभग 1200 का खर्च आता है.

hotel

पर्यटकों के ठहरने के लिए एमपीटूरिज्म का पार्शली रिजॉर्ट एक बेहतरीन विकल्प है, जो बनास नदी के किनारे स्थित है. यह रिजॉर्ट पार्क के प्रवेश द्वार के करीब है और अपने शांत, प्राकृतिक वातावरण के कारण विशेष रूप से लोकप्रिय है.

booking process

टाइगर रिजर्व बुकिंग काउंटर इंचार्ज सचिन सिंह की जानकारी मुताबिक सफारी की ऑनलाइन बुकिंग www.mponline.gov.in पोर्टल से की जा सकती है. पोर्टल पर राष्ट्रीय उद्यान सेक्शन में जाकर पार्क और तारीख का चयन कर बुक नाऊ बटन पर क्लिक करें. बुकिंग या कैंसिलेशन से जुड़ी जानकारी के लिए MPOnline कस्टमर केयर नंबर या forest@mponline.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है.

Gharial

संजय टाइगर रिज़र्व में घड़ियाल और बाघ को एक साथ देख सकते हैं, क्योंकि घड़ियाल सोन नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहते हैं, जो रिज़र्व के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को बनाती हैं. ये नदियाँ सोन-घड़ियाल अभयारण्य का हिस्सा हैं.

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MP: इस टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी शुरू, बेहद कम रेट में देख सकेंगे जंगल



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