Health Tips: सर्दियों के मौसम में जब ठंडी हवाएं चलने लगती हैं, तो शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है. ऐसे समय में लोगों को अक्सर सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी समस्याएं घेर लेती हैं. खासकर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होती है, वे जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. लेकिन अगर आप चाहें, तो बिना किसी एलोपैथिक दवा के सिर्फ तीन सस्ते घरेलू चीजों से अपनी सेहत को मजबूत बना सकते हैं.
ये तीन चीजें हैं — सोंठ (सूखा अदरक), काली मिर्च और पिप्पली. इन तीनों को मिलाकर बना एक चूर्ण न सिर्फ सर्दी-जुकाम को दूर रखता है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को भी बढ़ाता है. यह नुस्खा किसी दवा से कम नहीं, बल्कि आयुर्वेद का खजाना कहा जाता है.
डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि यह चूर्ण शरीर की तीनों दोषों- वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है. सोंठ शरीर में गर्मी पैदा करती है, जिससे कफ और ठंडक दूर होती है. काली मिर्च गले में जमा बलगम को साफ करती है, और पिप्पली पाचन शक्ति को बढ़ाती है साथ ही श्वसन तंत्र को दुरुस्त रखती है.
कैसे बनाएं यह चूर्ण?
इसे घर पर बनाना बेहद आसान है. आपको बस तीन चीजों की जरूरत होगी —
सोंठ पाउडर – 50 ग्राम
काली मिर्च पाउडर – 50 ग्राम
पिप्पली पाउडर – 50 ग्राम
तीनों को बराबर मात्रा में लेकर मिक्सर में अच्छी तरह पीस लें. फिर किसी कांच के जार या स्टील के डिब्बे में भरकर रख दें. इस मिश्रण को त्रिकटु चूर्ण कहा जाता है, जो आयुर्वेद में बहुत प्रसिद्ध है.
सेवन करने का तरीका?
डॉ. अनिल पटेल बताते हैं कि इसका सही सेवन ही इसे औषधि बनाता है. रोजाना सुबह और शाम खाली पेट या भोजन के बाद आधा चम्मच चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें. इससे गले में जमा कफ गलता है, नाक बंद नहीं होती, और शरीर में गर्माहट बनी रहती है.
अगर किसी को खांसी बहुत ज्यादा है, तो चूर्ण को गुनगुने पानी या अदरक की चाय के साथ भी ले सकते हैं. इससे तुरंत आराम मिलता है. बच्चों को यह चूर्ण सिर्फ एक चुटकी की मात्रा में देना चाहिए, और शहद के साथ देना बेहतर होता है.
फायदे जो मिलते हैं इस चूर्ण से
1. सर्दी-जुकाम से सुरक्षा: यह चूर्ण ठंड लगने, छींक आने और गले की खराश जैसी दिक्कतों से बचाता है.
2. खांसी में राहत: बलगम को पतला करके गले और छाती की जकड़न को खत्म करता है.
3. पाचन सुधारता है: पेट फूलना, गैस या अपच की समस्या को भी दूर करता है.
4. इम्यूनिटी बढ़ाता है: शरीर को संक्रमण से बचाने की शक्ति प्रदान करता है.
5. शरीर को गर्म रखता है: ठंड के दिनों में यह शरीर में प्राकृतिक गर्मी बनाए रखता है.
सावधानी रखें
जिन लोगों को ज्यादा गर्मी या एसिडिटी की समस्या होती है, वे इसे सीमित मात्रा में ही लें.
गर्भवती महिलाएं या छोटे बच्चे डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें.
चूर्ण को हमेशा सूखी और ठंडी जगह पर ही रखें ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे.
सर्दियों के मौसम में जब दवाइयां लेने से लोग कतराते हैं, तब यह त्रिकटु चूर्ण एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है. यह न सिर्फ शरीर को ठंड से बचाता है बल्कि अंदर से इम्यूनिटी को मजबूत करता है.
डॉ. पटेल का कहना है — “अगर आप रोजाना सिर्फ आधा चम्मच यह चूर्ण शहद के साथ लेंगे, तो ठंड-जुकाम की समस्या पास भी नहीं फटकेगी. यह हर घर में मौजूद सस्ता, असरदार और पूरी तरह सुरक्षित उपाय है.” इस सर्दी में आप भी अपनाएं यह आसान आयुर्वेदिक नुस्खा, और बिना दवा के रखें खुद को फिट, फ्री और हेल्दी.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.