दोपहिया पर पीछे वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, पहले दिन की जमीनी हकीकत

दोपहिया पर पीछे वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, पहले दिन की जमीनी हकीकत


Last Updated:

Bhopal News: भोपाल पुलिस हेलमेट नहीं पहनने वाले चालकों पर लगातार चालानी कार्रवाई करती रही है. हेलमेट न पहनने पर 300 रुपये का शुल्क वसूला जाता है. साथ ही ITMS के जरिए हर महीने तकरीबन 5000 चालान किए जाते हैं जबकि चेकिंग पॉइंट से करीब 3000 चालान होते हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 6 नवंबर से एक बार फिर सड़कों पर पुलिस की सक्रियता नजर आने लगी है. दरअसल बीते दिन (गुरुवार) से पिलियन राइडर (दोपहिया में पीछे बैठने वाले) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. एडीजी पीटीआरआई के निर्देश के बाद भोपाल ट्रैफिक पुलिस चौराहा-तिराहों पर हेलमेट न पहनने वालों पर कार्रवाई करते नजर आ रही है. चेकिंग के लिए पुलिस के चारों जोन में 4-4 पॉइंट बनाए गए हैं. शहर के सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर पुलिस हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही है.

भोपाल के न्यू मार्केट सिग्नल, रोशनपुरा चौराहा, रेत घाट तिराहा, लालघाटी चौराहा और चूनाभट्टी चौराहा समेत कई जगहों पर चेकिंग अभियान जारी है. इसके अलावा चौपहिया वाहन चालकों को भी गाड़ी के कागजात समेत सीट बेल्ट के लिए पुलिस रोकती नजर आ रही है. हालांकि पुलिस की कोशिश है कि सभी चालान पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से बनाए जाएं. जो लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नहीं करते, उन्हें भी चालान की रसीद पीओएस से ही दी जाएगी. डीसीपी ट्रैफिक जितेंद्र पवार ने लोगों से अपील की है कि यह अभियान सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए चलाया जा रहा है, इसलिए वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें.

हर महीने 20 लाख रुपये के चालान
राजधानी भोपाल की पुलिस हेलमेट नहीं पहनने वालों पर लगातार चालानी कार्रवाई करती रही है. इसमें हेलमेट न लगाने पर 300 रुपये का समन शुल्क वसूला जाता है. साथ ही आईटीएमएस के जरिए हर महीने तकरीबन 5000 चालान बनाए जाते हैं जबकि चेकिंग पॉइंट से 3000 चालान होते हैं. इसका मतलब है कि बगैर हेलमेट वाहन चलाने वाले 8000 लोग हर महीने करीब 20 लाख रुपये समन शुल्क भर देते हैं.

हर साल हजारों लोगों की मौत
हर साल सड़क हादसों में हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं. यदि आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2024 में करीब 56,669 सड़क हादसे हुए हैं. इसमें 13,661 लोगों की मौत हुई. बड़ी बात यह है कि 53.8 फीसदी मौतें दोपहिया वाहन चालकों की हुई हैं, जिसमें 82 फीसदी मौत बगैर हेलमेट पहने चालकों की हुई है. यही वजह है कि हेलमेट की अनिवार्यता पर प्रशासन भी जोर डाल रहा है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

दोपहिया पर पीछे वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, पहले दिन की जमीनी हकीकत



Source link