Last Updated:
Ganadhipa Chaturthi 2025: मार्गशीर्ष महीने या अगहन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज जान लेते हैं सारी जानकारी.
Ganadhipa Chaturthi 2025: हिंदू धर्म में हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व शास्त्रों में बताया गया है. इन्हीं तिथियों में से अगहन (मार्गशीर्ष) मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का दर्जा प्राप्त है. इसलिए हर एक माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है. यह व्रत दुखों और संकटों को दूर करने वाला माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि साल 2025 में गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कब है, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है.
वैदिक पंचांग के अनुसार, अगहन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 8 नवंबर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर को सुबह 4 बजकर 24 मिनट पर खत्म होगी. वहीं आपको बता दें, गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र दर्शन करने का विधान है. इसके लिए 8 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी. इस दिन चंद्र दर्शन का समय संध्याकाल 8 बजकर 2 मिनट पर है.
शुभ योग्य में मनाई जाएगी संकष्टी चतुर्थी?
इस बार की संकष्टी चतुर्थी खास होने वाली है. क्योंकि इस दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है. जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. इस दिन शिव और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है. इसके साथ ही भद्रावास और शिववास योग का निर्माण हो रहा है. इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर मनोरथ पूर्ण होता है.
चंद्र दोष मिलती है मुक्ति?
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी. इसके साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, उनका चंद्र दोष दूर होता है. इसलिए इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व शास्त्रों मे बताया गया है.
जरूर करें यह उपाय बनेंगे बिगड़े काम
संकष्ठी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा करें. इसके बाद मोदक और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद गणेश चालीसा का पाठ करने के साथ मंत्रों का जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति पर भगवान गणेश की कृपा होती है. इसके अलावा कुंड़ली में बुध ग्रह मजबूत होता है और भगवान गणेश सभी कस्टो को हरते हैं.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re… और पढ़ें