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दिल्ली में पिछले महीने वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई. जीएसटी कटौती और डीलरों के डिस्काउंट से कीमतों का कम होना, त्योहारों का एक साथ आना, आसान फाइनेंसिंग आदि की वजह से लोगों ने जमकर शॉपिंग की.
नई दिल्ली. इस साल का त्योहारी सीजन दिल्ली के ऑटो बाजार के लिए किसी ‘जैकपॉट’ से कम नहीं रहा. अक्टूबर 2025 में दिल्लीवालों ने कार और बाइक खरीदने में ऐसी धूम मचाई कि बिक्री के पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त हो गए. पिछले महीने राष्ट्रीय राजधानी में 1,14,074 वाहन रजिस्टर्ड हुए. यह संख्या अक्टूबर 2024 के मुकाबले 30% ज्यादा है. पिछले साल अक्टूबर में शहर में 87,983 वाहनों का पंजीकरण हुआ था. इस साल एक ही महीने में दुर्गा पूजा, दशहरा, धनतेरस और दिवाली आ जाने की वजह से बिक्री में जोरदार इजाफा हुआ. शोरूम से लेकर आरटीओ ऑफिस तक, हर जगह सिर्फ खरीदारी और रजिस्ट्रेशन की ‘भाग-दौड़’ नजर आई.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो सेक्टर के लिए 2025 पहले ही तेजी वाला साल रहा है. जनवरी से नवंबर के बीच दिल्ली में लगभग 6.9 लाख वाहन रजिस्टर हुए, जो पिछले साल के कुल 7.1 लाख रजिस्ट्रेशन से बस थोड़ा ही पीछे है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार रही तो इस साल का आंकड़ा पिछले साल से भी आगे निकल जाएगा.
ज्यादा बिके टू-व्हिलर्स
अक्टूबर 2025 में बिकने वाले कुल वाहनों में से 72% यानी 82,646 रजिस्ट्रेशन दो-पहिया वाहनों के रहे. इससे साफ है कि दिल्ली में मध्यवर्गीय परिवारों और डिलीवरी-बेस्ड नौकरियों में तेजी से वृद्धि दो-पहिया बिक्री को नए स्तर पर ले जा रही है. चार पहिया वाहनों में निजी कारों सहित लाइट मोटर व्हीकल की संख्या 22,614 रही. 2,089 लाइट गुड्स व्हीकल और 6,016 थ्री-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन हुआ. 373 लाइट पैसेंजर व्हीकल, 76 हेवी गुड्स व्हीकल और कुछ मध्यम एवं भारी यात्री वाहनों का पंजीकरण अक्टूबर 2025 में हुआ.
क्यों हुई रिकार्ड तोड़ बिक्री?
दिल्ली में पिछले महीने वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री के पीछे कई कारण हैं. इनमें जीएसटी कटौती और डीलरों के डिस्काउंट से कीमतों का कम होना, त्योहारों का एक साथ आना, आसान फाइनेंसिंग और नई कारों और बाइकों का लॉन्च होना प्रमुख है. इन सब वजों से कई शोरूमों ने तो धनतेरस की रात 12 बजे तक डिलीवरी दी, ताकि लोग शुभ मुहूर्त में नई गाड़ी अपने घर ले जा सकें.