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Khargone News: पुजारी जगदीश पंडित ने लोकल 18 से कहा कि बाबा काल भैरव यहां आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूरी करते हैं. देशभर से भक्त दर्शन के लिए मंदिर आते हैं, खासकर भैरव अष्टमी के दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का मेला लग जाता है. दोपहर में कन्या भोज और विशाल भंडारा होता है, जिसमें हजारों भक्त प्रसादी ग्रहण करते हैं.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन में काल भैरव का एक अद्भुत मंदिर है. भैरव अष्टमी पर चोली गांव में स्थित काल भैरव मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है. इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां एक-दो नहीं बल्कि पूरे 52 भैरवों की प्रतिमाएं स्थापित हैं. मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां पशु बलि देते हैं. इस साल भी 12 नवंबर को भैरव अष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजन, अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन होगा. खरगोन का चोली गांव, जिसे लोग देवों की नगरी देवगढ़ और मिनी बंगाल के नाम से भी जानते हैं, निमाड़ अंचल का धार्मिक केंद्र है. कहा जाता है कि यह स्थान तंत्र साधना का प्राचीन गढ़ है. यहां स्थित काल भैरव मंदिर को परमार कालीन माना जाता है, जहां भगवान भैरव साक्षात विराजते हैं. हर साल भैरव अष्टमी पर दिनभर पूजा-पाठ और रात में गुप्त साधनाएं की जाती हैं.
बाबा के चमत्कारों के किस्से
गांव के तालाब किनारे बने इस मंदिर में जब भक्त प्रवेश करते हैं, तो सामने 52 भैरवों का दर्शन होता है. मान्यता है कि यहां भैरव देवता अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. मंदिर के पुजारी नारायण नाथ धनोरिया लोकल 18 को बताते हैं कि पुराने समय में भैरव भगवान गांव के युवाओं के साथ रूप बदलकर कबड्डी खेला करते थे.
एक अन्य पुजारी जगदीश पंडित के अनुसार, यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना बाबा काल भैरव पूरी करते हैं. देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, खासकर भैरव अष्टमी के दिन मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का मेला लग जाता है. दोपहर में कन्या भोज और विशाल भंडारा आयोजित होता है, जिसमें हजारों लोग प्रसादी ग्रहण करते हैं.
11 साल से मना रहे महोत्सव
पिछले 11 सालों से यहां श्री काल भैरव महोत्सव का आयोजन लगातार होता आ रहा है. इस वर्ष भी 12 नवंबर को सुबह हवन और श्रृंगार के साथ शुरुआत होगी. दोपहर में कन्या भोज और भंडारा रखा गया है. शाम ढलते ही पूरा चोली गांव भैरव भक्ति के रंग में डूब जाएगा.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.