जिले की थांदला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चापानेर में आवास योजना के तहत मनरेगा मजदूरी की राशि में गड़बड़ी का मामला शनिवार को सामने आया है। आरोप है कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने मिलकर एक हितग्राही की मजदूरी की राशि किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफ
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चापानेर निवासी हितग्राही गुड्डू मुनिया को आवास योजना के तहत मकान मिला था। उन्हें इसके निर्माण के लिए मनरेगा योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान होना था। उन्हें पहले लगभग 12,000 रुपए की मजदूरी राशि मिल चुकी थी।
बैलेंस चेक करने पर पता चली गड़बड़ी
बची हुई राशि भुगतान के रूप में उनके जॉब कार्ड संख्या 219-A पर आने वाली 1,458 रुपए की राशि किसी और के बैंक खाते में भेज दी गई और निकाल ली गई। तीन दिन पहले 5 नवंबर को गुड्डू मुनिया ने जब ऑनलाइन जांच की, तो उन्हें इस हेराफेरी का पता चला।
गुड्डू मुनिया ने बताया कि उन्होंने यह मामला अन्य अनपढ़ ग्रामीणों के साथ होने वाली संभावित धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उजागर किया है। उन्होंने इस गड़बड़ी के लिए पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
मुनिया ने कहा कि निकाली गई राशि भले ही मामूली है, लेकिन इस तरह की धांधली उन अनपढ़ लोगों के साथ भी हो रही होगी जिन्हें ऑनलाइन जांच की जानकारी नहीं होती।
अधिकारी बोले- शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे
थांदला जनपद के सीईओ देवेंद्र बरडिया से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी या शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि शिकायत आती है, तो इसकी जांच अवश्य कराई जाएगी।