धार शहर के समीप जमनजत्ती की पहाड़ी पर वन विभाग द्वारा एक भव्य नगर वन (सिटी फॉरेस्ट) तैयार किया जा रहा है। लगभग 50 हेक्टेयर (200 बीघा) में फैलने वाली इस परियोजना का दूसरा चरण, जिसमें हॉल, पिकनिक स्पॉट और वॉकिंग ट्रैक जैसे सिविल वर्क शामिल हैं, लगभग पू
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इस नगर वन का उद्देश्य शहर की भीड़भाड़ से दूर लोगों को प्रकृति का अनुभव कराना और कुछ पल शांति से बिताने का अवसर प्रदान करना है। पहाड़ी को विकसित करने का काम तेजी से जारी है। परियोजना के तहत गेट, हॉल और पाथवे निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है।
2 करोड़ की लागत से लगाए 8 हजार पौधे
- परियोजना: 50 हेक्टेयर (करीब 200 बीघा) में आकार ले रही है।
- पौधरोपणः 2 करोड़ की लागत से 8 हजार विभिन्न पौधे लगाए गए हैं।
- गार्डनः चार नए गार्डन अंदर तैयार किए जा रहे हैं।
तेलंगाना पैटर्न पर बनेगा विशेष गार्डन डीएफओ विजय आनंदम टीआर ने बताया कि स्थानीय प्रजातियों के साथ ही छायादार, फलदार और औषधीय महत्व वाले पौधों का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त, तेलंगाना पैटर्न पर आधारित एक विशेष गार्डन भी तैयार किया जाएगा, जो आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस गार्डन में पौधों की ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे उनका सौंदर्य और पारिस्थितिकी महत्व दोनों स्पष्ट रूप से समझा जा सके। यहां ग्रह-नक्षत्र आधारित और औषधीय पौधों की विशेष श्रेणी भी तैयार होगी।
परियोजना बनेगा शिक्षा और पर्यटन का केंद्र वन विभाग यहां 15 अलग-अलग वैरायटी के वन विकसित कर रहा है। आने वाले समय में यह नगर वन शहरवासियों के लिए सैर-सपाटे, अध्ययन, जागरूकता और प्राकृतिक आनंद का प्रमुख केंद्र होगा। वन विभाग द्वारा आमजनों की पहुंच को आसान करने के लिए कालभैरव मंदिर के गेट से होते हुए पहाड़ी के मुख्य गेट तक एप्रोच रोड का निर्माण भी किया है।