हवाई पट्टी की सीमा को तार फेंसिंग की जा रही है।
मप्र के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में हवाई पट्टी और हेलीपेड की सीमा को सुरक्षित करने के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से तार फेंसिंग का काम किया जा रहा है। पिछले 20 दिनों से यह काम जारी है और अब तक 6500 वर्गमीटर में तार फेंसिंग पूरी हो चुकी है। फेंसिंग न होन
.
पीडब्ल्यूडी के ईई अनुराग सिंह ने बताया कि हवाई पट्टी और हेलीपेड की जमीन पीडब्ल्यूडी के पास है और इसकी सीमा पहले खुली थी। इसे अब तार फेंसिंग के माध्यम से कवर्ड किया जा रहा है, ताकि अजनबी और फालतू लोग अंदर न जा सकें और मवेशी व जंगली जानवरों से सुरक्षा बनी रहे। इंजीनियर कैलाश गुर्दे के अनुसार, कुल 8400 वर्गमीटर क्षेत्र में फेंसिंग की जाएगी और वर्तमान में 6500 वर्गमीटर में काम पूरा हो चुका है।
हवाई पट्टी की सीमा पर तार फेंसिंग की जा रही है।
हवाई पट्टी का होना है निर्माण, अभी रोक लगी है
पचमढ़ी को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए फिर से हवाई पट्टी के निर्माण की कवायद कई साल से हो रही है। जानकारी के मुताबिक पचमढ़ी में 1400 मीटर की पुरानी हवाई पट्टी को 1800 मीटर लंबी करने के लिए निर्माण किया जा रहा था। हालांकि एनजीटी की रोक लगने बाद यह निर्माण बंद हो गया। इसके बाद हवाई पट्टी का निर्माण फिर से करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इस बार विभाग सभी जरूरी अनुमतियां लेकर ही निर्माण करेगा। हवाई पट्टी की लंबाई 400 मीटर बढ़ाई जाएगी या नहीं, इसपर अभी निर्णय होना बाकी है।
विभाग का कहना है कि हवाई मार्ग से जुड़ने के बाद पचमढ़ी का पर्यटन बढ़ जाएगा। यहां 20 सीटर तक के हवाई जहाज उतारे जा सकते हैं। देश के किसी भी कोने से पर्यटक कुछ ही घंटों में पचमढ़ी पहुंच जाएंगे। हवाई पट्टी के बनने से रोजगार, विकास सहित कई फायदे होंगे।

अब तक 6500 वर्गमीटर में तार फेंसिंग पूरी हो चुकी है।
वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में है पुरानी हवाई पट्टी
पचमढ़ी में स्थित पुरानी 1400 मीटर की हवाई पट्टी वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में है। इसलिए पीडब्ल्यूडी और वाइल्ड लाइफ, पर्यवरण से अनुमति लेने के लिए विभाग को कड़ी मशक्कत करना पड़ रही है। कागजी तैयारी करने के लिए जानकार अधिकारी कर्मचारियों को प्रोजेक्ट में शामिल किया जा रहा है।