दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार दोपहर में पुतला दहन को लेकर भीम आर्मी और हिंदू संगठनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में पथराव और झड़प शुरू हो गई।
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हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। साथ ही वाटर कैनन का इस्तेमाल कर लोगों को खदेड़ा। झड़प में तीन लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इंदरगढ़ के अस्पताल में लाया गया है। कस्बे में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी के संभाग अध्यक्ष केशव यादव समेत 7 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है।
धीरेंद्र शास्त्री का पुतला जलाने पर विवाद दरअसल, शनिवार दोपहर में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (ASP) के लगभग 200 कार्यकर्ता, ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव के नेतृत्व में, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने के लिए अंबेडकर पार्क से रैली निकाल रहे थे। जब जुलूस ग्वालियर चौराहे के पास पहुंचा, तो तय जगह से करीब 25 फीट पहले ही कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री का पुतला फूंक दिया।
उसी समय वहां मौजूद हिंदू संगठनों के 70-80 कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी और आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव का पुतला जलाया। दोनों पक्षों में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई, जिसे पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर शांत करा दिया।
भिड़ंत के समय पत्थरबाजी भी हुई, इसमें तीन लोग घायल हो गए।
थाने से लौटते समय फिर भिड़े, पत्थरबाजी हुई पुलिस के समझाने के बाद भी तनाव थमा नहीं। कुछ देर बाद भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता इंदरगढ़ थाने पहुंचे और पं. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों के सदस्यों ने जातिगत गालियां दीं और कार्यक्रम में बाधा डाली।
थाने से लौटते समय दोनों गुटों का फिर आमना-सामना हुआ और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। इसमें कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
सनातन हिंदू संगठन के नगर अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री जात-पात मिटाने और सनातन एकता की बात करते हैं। हम संतों का पुतला जलने नहीं देंगे। विरोध करना है तो नेताओं का करें, संतों का नहीं। राठौर ने आगे बताया कि इसके जवाब में उन्होंने दामोदर यादव का पुतला दहन किया।

पुलिस ने आक्रोशित कार्यकर्ताओं तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाई।
दामोदर यादव ने कोर्ट में याचिका लगाई थी दरअसल, बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का विरोध करते हुए दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने हाल ही में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शास्त्री ने उन्हें गालियां दीं और धमकाया। इसी के विरोध में केशव यादव ने इंदरगढ़ में पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया था।
विवाद बढ़ने के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हरियाणा में कथा के दौरान कहा -“हमें छेड़ा गया है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। भारत और संस्कृति को बचाने के लिए जातिवाद से ऊपर उठकर सनातनी बनना होगा।”
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि दोनों संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखी है।