Lumpy Skin Disease: खरगोन में लम्पी वायरस का अटैक; प्रशासन अलर्ट! इन जगहों पर पशुओं के एकत्र होने पर रोक

Lumpy Skin Disease: खरगोन में लम्पी वायरस का अटैक; प्रशासन अलर्ट! इन जगहों पर पशुओं के एकत्र होने पर रोक


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Khargone News: विशेषज्ञों के मुताबिक, यह रोग पशु की इम्यूनिटी कमजोर कर देता है. समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो पशु धीरे-धीरे कमजोर होकर मर भी सकता है. इस बीमारी से पीड़ित पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी बहना, थन में सूजन और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण आम हैं.

Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में इन दिनों लम्पी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. यह बीमारी गाय और भैंस जैसे पशुओं में जानलेवा साबित हो रही है. पशु चिकित्सकों का कहना है कि लम्पी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसका अभी तक कोई स्थायी इलाज नहीं है. वहीं, लगातार बढ़ते केसों को देखते हुए प्रशासन ने पशु बाजार और मेलों पर रोक लगा दी है. संक्रमित पशुओं को क्वारंटाइन किया जा रहा है. टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है.

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह एक pox virus से फैलने वाली बीमारी है, जो पशुओं की त्वचा पर गोल और कठोर गांठें बना देती है. जिसे “लम्पी वायरस” कहा जाता है. यह रोग पशु की इम्यूनिटी कमजोर कर देता है. समय रहते ध्यान नहीं दिया जाएं तो पशु धीरे-धीरे कमजोर होकर मर भी सकता है. इस बीमारी से पीड़ित पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी बहना, थन में सूजन और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण आम हैं.

कैसे फैलता है लम्पी वायरस?
वेटनरी डॉ. खेमेंद्र रोकड़े के बताते है कि, यह वायरस मच्छर, मक्खी और कीटों के जरिए एक पशु से दूसरे तक पहुंचता है. बरसात, शुरुआती ठंड, नमी वाले मौसम में इसका संक्रमण तेजी से बढ़ जाता है. संक्रमित पशु के संपर्क में आने वाले अन्य पशु भी जल्द इसकी चपेट में आ जाते हैं. कई बार यह गठानें जननांगों में भी हो जाती है. यह गाठें फूट जाती है और फिर बड़ा घाव बन जाती है.

बीमारी का इलाज क्या है?
वहीं, लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. लम्पी वायरस के टीके से संक्रमण की संभावना कम की जा सकती है. प्रशासन ने जिलेभर में रिंग वेक्सिनेशन अभियान शुरू किया है. पशुपालकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने पशुओं को साफ-सुथरे और सूखे स्थान पर रखें, कीटनाशकों का छिड़काव करें और संक्रमित पशुओं को तुरंत अलग करें.

अलर्ट मोड पर पशु विभाग
डॉ. रोकड़े बताते हैं कि प्रशासन ने हर गांव में पशु चिकित्सा टीमें और जागरूकता अभियान शुरू किए हैं. साथ ही विभाग द्वारा संक्रमित पशुओं को क्वारंटाइन किया जा रहा है. टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है. साप्ताहिक पशु बाजार या मेले से 10 km क्षेत्र में पशुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है. संक्रमित क्षेत्र की परिधि में पशु बाजार, प्रदर्शनी और पशु संबंधित योजनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. सीमावर्ती इलाकों, गौशालाओं और दूग्ध उत्पादन क्षेत्रों ओर गौवंशीय बछड़ों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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