मध्य प्रदेश के इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसकी शुरुआत नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही हो गई है। बीती दो रात से पारा रिकॉर्ड लुढ़का है। इंदौर में नवंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया।
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भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन ऐसे शहर हैं, जहां हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा सर्दी है। ठंड की वजह से झाबुआ में स्कूलों की टाइमिंग बदली जा चुकी है।
मौसम विशेषज्ञों की माने तो प्रदेश में आमतौर पर ठंड की दस्तक नवंबर के दूसरे पखवाड़े से होती है। यानी 15 नवंबर से ठंड का असर तेज होता है, जो जनवरी तक रहता है, लेकिन इस बार तेज सर्दी का असर एक सप्ताह पहले से ही हो रहा है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि मानसून के बाद जैसे-जैसे नमी घटती है, रातें जल्दी ठंडी होने लगती हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी होती है, बर्फ पिघलती है और ठंडी हवा मैदानों तक आती है। हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी से उत्तर-पूर्वी दिशा में होता है, जिसे ‘विंड पैटर्न सेट होना’ कहा जाता है। इन सभी वजहों से प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा है।
दो रात में ही पारा 10 डिग्री के नीचे आया मौसम विभाग के अनुसार, पिछली दो रातों में ही प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे आ गया। गुरुवार-शुक्रवार की रात ज्यादा ठंडी रही। सबसे ठंडा राजगढ़ रहा। यहां एक ही रात में 2 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 9 डिग्री पर आ गया।
इंदौर में 10.3 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। साल 2015 से 2024 के बीच न्यूनतम तापमान कभी भी इतने नीचे नहीं पहुंचा। साल 2017, 2020 और 2022 में पारा जरूर 11 डिग्री के आसपास रहा था।
भोपाल में 2 डिग्री नीचे आया पारा भोपाल में पारा 2 डिग्री नीचे आ गया। रात में यह 11 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 10 साल में से 5 बार ऐसा हुआ है, जब पारा इतना नीचे आया हो। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, जबलपुर में 14.6 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
सभी शहरों में तापमान में गिरावट मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार-शुक्रवार की रात में प्रदेश के सभी शहरों में पारे में गिरावट दर्ज की गई। दतिया में 11.1 डिग्री, गुना में 12.2 डिग्री, धार में 12.4, रीवा में 12.5 डिग्री, श्योपुर-नौगांव में 13 डिग्री, बैतूल में 13.2 डिग्री, उमरिया में 13.8 डिग्री, टीकमगढ़ में 14 डिग्री, सागर में 14.2 डिग्री, रतलाम में 14.5 डिग्री, सतना में 14.9 डिग्री, छिंदवाड़ा-दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस रहा।

गुरुवार की रात राजगढ़ का तापमान 9 डिग्री पर आ गया था। शुक्रवार को पूरे दिन धूप खिली रही।
झाबुआ में तेज ठंड, स्कूलों का समय बदला झाबुआ में तीन दिन के दौरान न्यूनतम तापमान में 8.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। ठंड बढ़ने से कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। इसके अनुसार, नर्सरी से कक्षा 3 तक की कक्षाएं सुबह 9 बजे से पहले और कक्षा 4 से कक्षा 12 तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगेंगी। यह आदेश झाबुआ जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू होगा।
ठंड के साथ कोहरे का असर भी बढ़ेगा मौसम विभाग के मुताबिक अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल, देर रात और अलसुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं सुबह हलका कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। अभी मंडला में सबसे कम 1-2 किलोमीटर विजिबिलिटी मंडला में देखने को मिली है। जबलपुर, रीवा और सतना में यह 2 से 4 किलोमीटर रही।
पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।
वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

अब जानिए, पूरे नवंबर में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है।
खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।
नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…
भोपाल: 10 साल में 3 बार बारिश हो चुकी नवंबर में राजधानी में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़केगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है।
यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री के बीच रहता है। हालांकि, 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है।

जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच रहता है यहां 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहा है, जबकि दिन में यह 33 से 35 डिग्री के बीच पहुंच चुका है।
