पत्नी की हत्या कर लाश के पास रातभर लेटा रहा: सुबह उठने के लिए हिलाता रहा, नहीं उठी तो उठाकर बिस्तर पर लिटाकर भागा – Guna News

पत्नी की हत्या कर लाश के पास रातभर लेटा रहा:  सुबह उठने के लिए हिलाता रहा, नहीं उठी तो उठाकर बिस्तर पर लिटाकर भागा – Guna News


तुम तो कहकर गए थे कि खाना खाकर आऊंगा। अब बिना खाए ही लौटकर आ गए। ऊपर से इतनी ज्यादा शराब भी पी रखी है। जब खाना नहीं खाना था तो गोट (पिकनिक) में क्या करने गए थे। अब इतनी रात को कह रहे हो चिकन बनाओ। मैं अब खाना नहीं बना पाऊंगी।

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बात तो यह जरा सी थी, लेकिन एक पति को पत्नी के ये शब्द इतने चुभे की उसने उसे मार डाला। नशे में चूर पति पत्नी की लाश के पास ही सोया रहा। सुबह उठा तो पत्नी की लाश देखकर उसे पहले उठाकर खाट पर सुलाया, फिर मौके से भाग निकला।

यह चौंकाने वाला मामला गुना जिले के उमरी चौकी के कांदई गांव का है। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।

दैनिक भास्कर ने मामले में जांच अधिकारी से बात की, परिवार से भी जाना की आखिर हत्या के पीछे की वजह क्या थी, पढ़िए यह रिपोर्ट…

सबसे पहले जान लीजिए मामला

सूर सिंह भिलाला पत्नी और बच्चों के साथ कांदई गांव में रह रहा था। माता-पिता गांव से दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव में रहते हैं। मंगलवार को सूर सिंह भिलाला ने पारिवारिक कलह के चलते पत्नी रेशमा बाई (30) को डंडे कर उसकी हत्या कर दी। बच्चों की सूचना पर म्‍याना पुलिस मौके पर पहुंची। रेशमा बाई के भतीजे सुरेश भिलाला निवासी माली गांव की शिकायत पर पुलिस ने सूर सिंह पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।

अब पढ़िए पूरा घटनाक्रम…

रेशमाबाई की मौत की पड़ताल के लिए एसपी अंकित सोनी ने एक टीम गठित की। टीम में म्याना थाना प्रभारी TI रविन्‍द्र सिंह सिकरवार, ऊमरी चौकी प्रभारी SI रचना खत्री, प्रधान आरक्षक अशोक गुर्जर, अतुल शर्मा, वीरभान सिंह, आरक्षक सुनील यादव, रंजीत रमन और अमनप्रीत सिंह चीमा को शामिल किया।

टीम ने सूर सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित अड्‌डों पर दबिश दी। खेत-खलिहानों पर भी टीम सर्चिंग के लिए पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी सूरसिंह पिता धन सिंह भिलाला (32) को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मंगलवार को जब यह घटनाक्रम हुआ तब घर पर सिर्फ सूर सिंह भिलाला पत्नी रेशमा के साथ घर पर था। हत्या के पीछे की वजह और क्या परिस्थितियां बनीं, यह सिर्फ सूर सिंह ही बता सकता था। पुलिस ने उसे जंगल से दबोचा तो उसने चौंकाने वाली कहानी बताई।

पुलिस के अनुसार बच्चे घर से कुछ ही दूरी पर बड़ी दादी के यहां चले गए थे। शाम के समय सूर सिंह तैयार हुआ और यह कहते हुए घर से निकला कि वह दोस्तों के साथ गोट (एक तरह की पिकनिक) में जा रहा है। आने में देरी हो जाएगी, खाना वहीं से खाकर आऊंगा। तुम खाना खा लेना।

बच्चे घर पर नहीं थे, पति भी रात का खाना घर पर नहीं खाएंगे। यह सोचकर रेशमा बाई ने जल्दी काम निपटाया और अपने लिए खाना बना लिया। खाना खाने के बाद उसने बर्तन सहित दूसरे काम खत्म कर कमरे में दीवार से सटकर बैठ गई और पति के आने का इंतजार करने लगी। रात करीब 10 बजे सूर सिंह घर लौटा, उसने पी रखी थी और उसके हाथ में एक पॉलीथिन थी, जिसे उसने रेशमा की ओर बढ़ाते हुए कहा- चिकन लेकर आया हूं, जल्दी से बना दें।

इतनी रात को पति का पीकर आना रेशमा को नहीं भाया। जैसे ही उसने चिकन बनाने का कहा उसका गुस्सा फूट पड़ा। रेशमा ने कहा- तुम तो कहकर गए थे कि खाना खाकर आओगे, लेकिन तुम तो बिना खाना खाए लौट आए। फिर क्या करने गए थे गोट में। अब इतनी रात को चिकन बनाने का कह रहे हो। मैं नहीं बनाने वाली। इतना सुनते ही सूर सिंह आगबबूला हो गया। दोनों में बहस शुरू हो गई। सूर सिंह ने जिद पकड़ ली कि खाना तो बनाना पड़ेगा। वहीं, रेशमा भी नहीं बनाने पर अड़ गई।

वारदात वाली रात बच्चे बड़ी दीदी के घर पर सो रहे थे।

वारदात वाली रात बच्चे बड़ी दीदी के घर पर सो रहे थे।

लात मारी, रेशमा का सिर दीवार से टकराया

दोनों में काफी बहस हुई। गुस्से में सूर सिंह ने दीवार से सटकर बैठी रेशमा को जोर की लात मारी। जमकर धक्का दिया, जिससे उसका सिर दीवार से टकराया। रेशमा वहीं गिर गई। गुस्से में सूर सिंह बाहर गया और डंडा ले आया। कमरे में पड़ी पत्नी पर उसने जमकर डंडे बरसाए। रेशमा निढाल पड़ी रही, उसने कोई जवाब नहीं दिया।

पीटने के बाद पत्नी के पास सोया, सुबह मौत का पता चला

मारपीट करने के बाद सूर सिंह ने निढाल पड़ी रेशमा को उठाने की कोशिश नहीं की। उसी के पास जमीन पर सो गया। सुबह करीब 6 बजे उसकी नींद खुली। रेशमा को पास ही जमीन पर पड़े देखकर उसका सारा नशा उतर गया।

सूर सिंह ने रेशमा को उठने का कहा। दो-तीन बार उसने दोहराया, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। इस पर उसने उसे हिला-डुलाकर उसे उठाया, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। सूर सिंह समझ गया कि रेशमा की मौत हो चुकी है। इसके बाद उसने उसे उठाया और पास डली खाट पर लिटाकर भाग निकला।

करीब 8 बजे बड़ी दादी के घर सो रहे बच्चे उठे और अपने घर पहुंचे। दरवाजा खुला था, पिता घर पर नहीं थे और मां खाट पर लेटी थी। उन्होंने मां को आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं उठी। बच्चों के जोर-जोर से आवाज लगाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। लोगों ने नब्ज टटोली, जो बंद थी। रेशमा का मायका गांव से करीब दो किमी दूर है। लोगों ने तत्काल इसकी पुलिस और उन लोगों को दी। कुछ देर बाद पुलिस के साथ सभी लोग घर पहुंचे। यहां से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खेत पर परिवार के साथ रहता था सूर सिंह

दैनिक भास्कर की टीम परिवार से बात करने गांव पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि सूर सिंह चार भाई हैं। चारों भाई अलग-अलग रहते हैं। सूर सिंह ने जावेद खान का खेत बटिया (ठेके) से ले रखा है। खेत पर ही बने एक कमरे में वह परिवार के साथ रह रहा था। टीम खेत पर पहुंची तो गेट पर ताला लटक रहा था। कुछ सामान घर के बाहर बिखरा पड़ा था। लोगों ने बताया कि रेशमा की हत्या के बाद से ही ताला लगा हुआ है।

आरोपी पति सुबह पत्नी को खाट पर लिटाकर फरार हो गया था।

आरोपी पति सुबह पत्नी को खाट पर लिटाकर फरार हो गया था।

बकरियां चराते मिले बच्चे

सूर सिंह के बच्चों के बारे में पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि उसके चार लड़के हैं। सबसे बड़ा लड़का अर्जुन 12 साल का है। वह पढ़ाई छोड़ चुका है। छोटा करण (10), बादल (7) और अंतर 6 साल का हैं। तीन बच्चे पास ही बकरियां लेकर जाते दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि यही तीनों सूर सिंह के बेटे हैं। बच्चों से बात करने पर उन्होंने बताया कि अर्जुन कुछ बकरियों को लेकर दूर निकल गया है। मां की मौत वे अभी बड़ी दादी के घर पर रह रहे हैं। तीनों पढ़ाई करते हैं।

करण ने बताया कि शाम को हम चारों भाई बड़ी दादी के घर चले गए थे। रात वहीं पर खाना खाने के बाद छत पर जाकर सो रहे थे। रात में घर पर क्या हुआ, यह नहीं पता। सुबह वह जब घर आए, तो मम्मी खटिया पर पड़ी हुई थी। पापा घर पर नहीं थे। मम्मी के शरीर पर चोट के निशान थे, ऐसा लगा कि रात में पापा ने मां के साथ मारपीट की है। हमने मां को आवाज लगाई पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। काफी हिलाने के बाद भी वे नहीं उठी। हमारी आवाज सुनकर कई लोग आ गए। कुछ देर बाद पुलिस आ गई।

भाई बोला- पंचायत में सुलह कराई थी

भाई ने बताया कि पति सूर सिंह उसे परेशान किया करता था। वह उसके साथ मारपीट करता था। उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर रेशमा कई बार मायके आ जाया करती थी। इसे लेकर दो-तीन बार पंचायत भी बैठी। दो-तीन महीने पहले भी विवाद होने पर वह मायके आ गई थी। पति को समझा-बुझाकर उसे वापस भेजा था। उस रात तो उसने कमरे में बंद कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने 8 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया

गुना SP अंकित सोनी ने बताया कि जांच में पता चला कि पति अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। जिस कारण परिवार वालों ने उसपर हत्या का शक जताया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिर्फ 8 घंटों में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने रातभर पत्नी रेशमा बाई के साथ मारपीट करने और हत्या करने की पूरी घटना स्वीकार की। SP ने बताया कि सूर सिंह के खिलाफ हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



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