भारत का एक धाकड़ बल्लेबाज शतक पर शतक जड़कर टीम इंडिया के सेलेक्टर्स को आईना दिखा रहा है. ये क्रिकेटर कभी टीम इंडिया की ढाल माना जाता था, जिसे भेदना विरोधी टीम के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होता था, लेकिन कोच गौतम गंभीर के युग में इस क्रिकेटर का टेस्ट करियर लगभग खत्म माना जा रहा है. भारतीय टीम से बाहर चल रहे स्टार बल्लेबाज हनुमा विहारी ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में त्रिपुरा के लिए लगातार शतक जड़े. अगरतला में हनुमा विहारी ने त्रिपुरा टीम की तरफ से खेलते हुए असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के मैच में 216 गेंदों पर 156 रनों की पारी खेली.
लगातार दो रणजी ट्रॉफी के मैचों में शतक
इससे पहले बंगाल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के अपने पिछले मैच में भी हनुमा विहारी ने पहली पारी में शतक जड़ते हुए 141 रन बनाए थे. हनुमा विहारी ने लगातार दो रणजी ट्रॉफी के मैचों में शतक जड़कर सनसनी मचा दी है. असम के खिलाफ हनुमा विहारी ने 216 गेंदों में 17 चौकों और एक छक्के की मदद से 156 रनों की पारी खेली. असम के खिलाफ त्रिपुरा की टीम ने अपनी पहली पारी 602-7 के स्कोर पर घोषित कर दी. 32 साल के हनुमा विहारी ने भारत के लिए 16 टेस्ट मैचों में 33.56 की औसत से 839 रन बनाए हैं. हनुमा विहारी ने टेस्ट क्रिकेट में एक शतक और 5 अर्धशतक भी लगाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में हनुमा विहारी ने पांच विकेट झटके हैं.
कभी सिडनी में भारत के लिए बचाया था टेस्ट मैच
हनुमा विहारी एक ऑलराउंडर हैं और वह जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. हनुमा विहारी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच जुलाई 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेला था. इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में हनुमा विहारी पहली पारी में 20 रन और दूसरी पारी में सिर्फ 11 रन बनाने में ही कामयाब रहे थे. बता दें कि हनुमा विहारी ने जनवरी 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट मैच में घायल होने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए. सिडनी टेस्ट में कंगारू टीम मुकाबला जीतने की कगार पर थी, लेकिन हनुमा विहारी दीवार की तरह खड़े रहे और अंगद की तरह पैर क्रीज पर जमाए रखा.
पैर में पट्टी बांधकर देश के लिए बल्लेबाजी जारी रखी
हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट में 161 गेंदो में नाबाद 23 रनों की पारी खेलकर मुकाबला ड्रॉ कराया था. इस टेस्ट मैच के ड्रॉ होने के कारण ही भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2020-21 में टेस्ट सीरीज जीतने का दरवाजा खुला था. भारत ने तब ब्रिस्बेन टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया में लगातार दूसरी बार टेस्ट सीरीज जीतने का कमाल किया था. टीम इंडिया की इस सीरीज जीत में हनुमा विहारी का बड़ा योगदान था, जिसे अब भुला दिया गया है. हनुमा विहारी ने तब एक वेबसाइट पर दिए गए इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने पेन किलर इंजेक्शन लेने के बाद पैर में पट्टी बांधकर देश के लिए बल्लेबाजी जारी रखी. हनुमा विहारी ने कहा, ‘मुझे अपनी टीम के लिए खड़े रहना था. मैंने सोच लिया था कि मुझे हर हाल में करीब तीन घंटे बल्लेबाजी करनी है’.