आदिवासी महिलाओं ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर हो रहे कब्जे से परेशान होकर तहसीलदार के पैर पकड़े।
श्योपुर के कराहल तहसील मुख्यालय में शनिवार दोपहर एक आदिवासी महिला और उनकी बहू ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर हो रहे कब्जे से परेशान होकर तहसीलदार के पैर पकड़ लिए। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे अपनी जान दे
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पीड़ित महिला सावित्री बाई आदिवासी ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को दिए आवेदन में बताया कि वे सर्वे नंबर 645/3 की 3.1350 हेक्टेयर भूमि की स्वामिनी हैं। उनका परिवार वर्षों से इसी जमीन पर निवास कर रहा है। आरोप है कि खिरखिरी गांव के कुछ दबंगों ने उनकी टपरिया तोड़ दी है और कई दिनों से रात में निर्माण कार्य कर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
महिला ने बताया कि शिकायत के आठ दिन बाद भी प्रशासन चुप
सावित्री बाई के अनुसार, उन्होंने अपनी जमीन और जान बचाने के लिए 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी। इसके अतिरिक्त, तहसील कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, आठ दिनों तक न तो पुलिस ने कोई हस्तक्षेप किया और न ही प्रशासन ने इस मामले में कोई कदम उठाया। दबंगों का निर्माण कार्य लगातार जारी रहा, जिससे महिला की परेशानी बढ़ती गई।
शनिवार को इस घटना का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सावित्री बाई और उनकी पुत्रवधू तहसील दफ्तर की सीढ़ियों पर रोती हुई दिख रही हैं। वे एक अधिकारी के समक्ष पैर पकड़कर गुहार लगाती हैं कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपनी जान दे देंगी। यह दृश्य पीड़ित परिवार की बेबसी और प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है।
पीड़ित महिला ने अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की मांग की
स्थानीय निवासियों ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि जमीन विवाद बड़े संघर्ष का रूप न ले सकें। पीड़ित महिला ने अधिकारियों से अपनी सुरक्षा और जमीन के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। अब देखना यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
वहीं तहसीलदार रौशनी शेख का कहना है आवेदन मिला है, पटवारी और आर आई से बोलकर मामले की जांच कराई जाएगी।