हरदा जिले में रबी सीजन की सिंचाई के लिए नहरों में आवश्यकता से अधिक पानी छोड़े जाने से कई किसानों के खेत ओवरफ्लो हो गए हैं। शनिवार को 1400 क्यूसेक की मांग के मुकाबले 1666 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे बोनी कर चुके किसानों को नुकसान पहुंचा है। इस वर्ष
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पिछले साल नवंबर में जहां किसान सिंचाई के पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं इस बार वे नहर के पानी से बच रहे हैं। खेतों में अधिक नमी होने के कारण कई किसानों के खेत तैयार नहीं हो पाए हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें पानी की जरूरत अभी एक सप्ताह बाद होगी, क्योंकि उनके खेत पहले से ही गीले हैं।
नहरों की सफाई न होने के कारण कई गांवों में नहरें ओवरफ्लो होकर बह रही हैं। जिले की मांग 1400 क्यूसेक के बजाय 266 क्यूसेक अधिक पानी छोड़े जाने से यह स्थिति बनी है। इससे कई किसानों के खेतों में पानी भर गया है, जिससे उनकी बोनी प्रभावित हुई है।
किसानों ने जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब पानी की जरूरत होती है तो मिलता नहीं, और जब जरूरत नहीं होती तो नहरों में पानी बह रहा है। ऊपरी क्षेत्रों में पानी रोकने से टेल क्षेत्र में पहली बार पानी समय से पहले पहुंच गया है।
जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री सोनम बाजपेई ने बताया कि किसानों को समय पर पानी मिले, इसलिए नहरों में पानी छोड़ा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिरिक्त पानी के गेज को मेंटेन किया जा रहा है। बाजपेई ने स्पष्ट किया कि सभी किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सफाई कार्य जारी होने की भी जानकारी दी, ताकि पानी आसानी से पहुंच सके।
