Last Updated:
Gehu ki new variety: सागर में पिछले हफ्ते बारिश होने के बाद अब मौसम पूरी तरह से साफ हो गया है. चटक धूप निकलने के बाद किसान भाई बुआई की तैयारी में लग गए हैं. ऐसे में एक्सपर्ट ने गेहूं वैरायटी के सुझाव दिए हैं.
जैसे-जैसे खेत बुवाई के लायक होते जाएंगे तो किसान भाई इनमें अनाज सब्जी दलहन तिलहन की फसले लगाएंगे, लेकिन सागर जिले में सबसे अधिक गेहूं की बुवाई की जाती है किसान अलग-अलग वैरायटी के गेहूं का उपयोग करते हैं और फिर उसके हिसाब से उत्पादन मिलता है.

कृषि विभाग के अनुसार सागर जिले में इस बार 3 लाख 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई करने का लक्ष्य रखा गया है. किसानों के द्वारा लगातार अपने बीज में बदलाव कर रहे है नई-नई वैरायटी का इस्तेमाल कर रहे हैं ऐसे ही कुछ वैरायटी हम आपको बताने जा रहे हैं जिनका उपयोग करने से किसान भाई प्रति हेक्टेयर 80 से 85 क्विंटल तक का उत्पादन ले सकते हैं. साथी यह आंधी तूफान को भी सहन करने की क्षमता रखती हैं.

विशाल बीज भंडार के विशाल सिंह बताते हैं कि इस बार वह विदिशा का 421 और 321 गेहूं लेकर आए हैं जो एकदम सागर के लिए नया है. 421 गेहूं में अगर किसान भाई पांच पानी देने में सक्षम है, समय के अनुसार उर्वरक देते हैं तो ये75 से 82 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन मिल सकता है.

321 वैरायटी कम पानी वाली है इसमें अगर आपने तीन से कर पानी दे दिए तो 20 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्पादन मिल सकता है.

सागर कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि नवंबर का महीना गेहूं की बुवाई के लिए सबसे अच्छा रहता है इस बार बारिश होने की वजह से खेतों में नमी है किसी के चलते बुवाई लेट हो रही हैं.

इंदौर में गेहूं की पूसा तेजस 1650 और पूजा तेजा 1655 वैरायटी 2 साल पहले तैयार की गई थी जो बिस्किट कंपनियों में उनकी खूब डिमांड है यह शरबती किस्म से मिलती-जुलती हैं दाना मोटा और चमकदार होता है.

पूसा तेजस, 8759 गेहूं से 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक का उत्पादन किया जा सकता है इसमें तीन से कर पानी देने की आवश्यकता होती है पिछले साल कृषि अनुसंधान केंद्र में इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है

इनके अलावा सागर में 322, 1544, शरबती गेहूं, wh , Hi -1633, Hi -1634, Hi -1636, mp 3415 जैसी कम पानी वाली गेहूं वैरायटी की भी बुवाई कर सकते हैं जिससे किसान भाई 18 से 22 कुंतल तक का उत्पादन ले सकते हैं.