इंदौर में बस स्टैंड-स्कूल-अस्पतालों से पकड़ रहे आवारा कुत्ते: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हरकत में आया प्रशासन – Indore News

इंदौर में बस स्टैंड-स्कूल-अस्पतालों से पकड़ रहे आवारा कुत्ते:  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हरकत में आया प्रशासन – Indore News


इंदौर में स्कूल, हॉस्पिटल और बस स्टैंड के आसपास से आवारा कुत्तों को हटाने के मामले में जिला प्रशासन एक्शन में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन जगहों पर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में हुई टीएल बैठक में कलेक्टर शिवम वर्म

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कलेक्टर ने इनकी जनसंख्या नियंत्रण के अलावा डॉग शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। साथ ही स्कूल, हॉस्पिटल और बस स्टैंड के आसपास कुत्ते नहीं रहें, इसे लेकर भी आदेश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

सभी फैक्ट्रियों को 15 दिन में कराना होगा फायर ऑडिट इंदौर की सभी फैक्ट्रियों को 15 दिनों में फायर ऑडिट कराना होगा। फॉयर सेफ्टी ऑडिट कराने के बाद प्रशासन को सूचना देनी होगी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी जांच करेंगे। कलेक्टर ने जारी आदेश में कहा कि जिन फैक्ट्रियों को सील किया गया है उन्हें भी फायर सेफ्टी रिपोर्ट पेश करना होगी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- स्कूल, अस्पताल से आवारा कुत्ते हटाएं

सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिन पहले शुक्रवार को आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से दूर रखने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों में बाड़ लगाई जाए, ताकि कुत्ते वहां न पहुंच सकें।

कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें उठाया गया था। उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत क्षेत्रों में बार-बार डॉग बाइट की घटनाएं सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता दिखाती हैं।

कोर्ट ने सभी नेशनल और स्टेट हाईवे से आवारा पशु हटाने का आदेश भी दिया। सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं पब्लिक सेफ्टी, पर्यटन और देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। इस मामले में 3 हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा मांगा गया है। अगली सुनवाई 13 जनवरी 2025 को होगी।

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