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Jabalpur News: प्रोफेसर निलेश कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि अब स्टूडेंट्स कई परीक्षा में एक बार में ही शामिल होंगे. इसके बाद मेरिट लिस्ट तैयार होगी और चॉइस फिलिंग के आधार पर छात्र परीक्षाओं को चुन सकेंगे. वहीं वेटिंग लिस्ट में भी छात्रों को काफी चांस मिलेंगे.
जबलपुर. मध्य प्रदेश में अब UPSC की तर्ज पर सरकारी नौकरियों की परीक्षा होंगी. प्रदेश में कर्मचारी आयोग भी बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस निर्णय के बाद अब टीचर्स और बच्चे भी काफी खुश हैं, जो अलग-अलग तर्क दे रहे हैं. अभी तक कई एग्जाम लिए जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा एक ही परीक्षा होगी, जिसके आधार पर मेरिट बनेगी और सलेक्शन होगा. मध्य प्रदेश सरकार के फैसले के बाद प्रोफेसर से लेकर स्टूडेंट्स में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. सीएम के इस फैसले को लेकर लोकल 18 की टीम ने जबलपुर के तमाम संस्थान और स्टूडेंट्स से बातचीत की.
राज्य सरकार के फैसले के बाद छात्र प्रज्ज्वल पटेल ने लोकल 18 से कहा कि यदि यूपीएससी की तर्ज पर मध्य प्रदेश में परीक्षाएं होंगी, तब स्टूडेंट्स के पैसों की काफी बचत होगी. हर परीक्षा के लिए बार-बार एग्जाम फीस ली जाती है, जिसका बोझ भी स्टूडेंट्स पर पड़ता है लेकिन अब एक ही परीक्षा होगी. तब एक ही बार परीक्षा फीस ली जाएगी, जिससे काफी हद तक स्टूडेंट्स को इसका फायदा मिलेगा. इतना ही नहीं, समय की भी काफी बचत होगी. उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन आने के बाद चंद महीने ही तैयारी करने को मिलते थे. कभी-कभी सिलेबस में भी बदलाव हो जाता था, जिससे परेशानी होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
एक साल में एक परीक्षा
स्टूडेंट्स के अलावा प्रोफेसर भी राज्य सरकार के फैसले से खुश हैं. प्रोफेसर निलेश कुमार ने लोकल 18 से कहा कि अब स्टूडेंट्स कई परीक्षा में एक बार में ही शामिल होंगे. इसके बाद मेरिट लिस्ट बनेगी और चॉइस फिलिंग के आधार पर स्टूडेंट्स परीक्षाओं को सलेक्ट कर सकेंगे. वहीं वेटिंग लिस्ट में भी स्टूडेंट्स को काफी चांस मिलेंगे. उन्होंने कहा कि यदि स्टूडेंट मेरिट में आते हैं, तब दो साल तक यह मेरिट वैध रहेगी, जहां स्टूडेंट्स को इसका भरपूर फायदा मिलेगा.
तैयारी को मिलेगा पर्याप्त समय
उन्होंने आगे कहा कि तैयारी करने के लिए भी अब पर्याप्त समय मिलेगा. स्कूल कल्चर में जैसे साल में फाइनल एग्जाम हुआ करते थे, वह भी साल में एक बार होते थे, तब पढ़ने का मन और जुनून भी ज्यादा ही होता था, जैसा कि यूपीएससी की परीक्षाओं के लिए होता है. अब वैसा ही कल्चर मध्य प्रदेश की परीक्षाओं में भी देखा जाएगा. स्टूडेंट को काफी फायदा होगा. जिस विभाग में स्टूडेंट्स योग्य होंगे, उन्हें वरीयता के आधार पर चयनित कर लिया जाएगा.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.