हाई कोर्ट सख्त: ‘सड़क हादसे कम नहीं हो रहे और पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर फूंक लगवा रही’ – Indore News

हाई कोर्ट सख्त:  ‘सड़क हादसे कम नहीं हो रहे और पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर फूंक लगवा रही’ – Indore News


एयरपोर्ट रोड पर नो एंट्री में अंध-गति से दौड़े ट्रक से हुए भीषण हादसे के बाद भी शहर में एक्सीडेंट कम नहीं हो रहे हैं। पुलिस चौराहों पर ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर फूंक लगवा रही है और नशे में धुत लोग सड़कों पर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। हाई कोर्ट द्वार

.

उन्होंने सोमवार को पेश की गई स्थिति रिपोर्ट में नशे में धुत ड्राइवर द्वारा दो छात्रों की जान लेने और कथित तौर पर शराब के नशे में तीन पुलिसकर्मी द्वारा चार से पांच लोगों की मौत का भी जिक्र किया है।

न्यायमित्र की इस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने निर्देश दिए कि कमिश्नर 19 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर बताएं कि ट्रैफिक सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने सवाल भी उठाया कि नो एंट्री में ट्रक के आने के लिए कौन जिम्मेदार है।

सड़कों की बदहाली जनता की सुरक्षा पर सीधा खतरा बन चुकी है : कोर्ट रोड एक्सीडेंट में तमिलनाडु देश में पहले नंबर पर और मध्यप्रदेश दूसरे पर है। यह आंकड़ा मप्र की जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों पर बढ़ते हादसों और मौतों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका के जरिए पेश किया गया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की है कि सड़कों की बदहाली अब जनता की सुरक्षा पर सीधा खतरा बन चुकी है। इसलिए जिम्मेदारी तय की जानी जरूरी है।

शाम को 6 से 9 बजे के बीच सबसे अधिक हादसे पुलिस परिवहन शोध संस्थान की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, मप्र में दो-पहिया वाहनों में 7,968 हादसे हुए, जिनमें 2,078 मौतें दर्ज की गईं। यह कुल मौतों का करीब 58% हिस्सा है। सबसे अधिक हादसे शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच हुए। इनमें भी सबसे अधिक हादसे सीधी सड़कों में 1,964 और 277 मौतें हुईं।

हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी कार्रवाई नहीं

कोर्ट ने कहा कि न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के बावजूद अधिकारियों ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इसके लिए पुलिस कमिश्नर से सीधे बात करना चाहती है। न्यायमित्र ने कुछ सुधारात्मक उपाय भी प्रस्तावित किए, जिनमें शहरभर में 19 चिह्नित स्थानों पर रिफ्लेक्टिव साइनेज और सामुदायिक सीसीटीवी के जरिए ‘नो एंट्री’ पॉइंट्स पर वाहनों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी शामिल है।



Source link