बालाघाट में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने उकवा पंचायत के प्रभारी सचिव योगेश हिर्वाने को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंचायत भवन के सामने की गई।
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सचिव हिर्वाने को ग्रामीण अंकुश चौकसे से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस उन्हें रिश्वत की रकम के साथ बैहर ले गई, जहां उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
आवेदक अंकुश चौकसे ने बताया कि सचिव योगेश हिर्वाने ने उनसे एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। आज अंकुश 50 हजार रुपए की पहली किस्त देने गए थे, तभी उन्हें पकड़ा गया।
योगेश हिर्वाने बीच में।
एनओसी के लिए मांगे थे 1 लाख
निरीक्षक जितेंद्र यादव ने जानकारी दी कि लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता अंकुश चौकसे की शिकायत पर गुरुवार, 13 नवंबर को उकवा ग्राम पंचायत के सामने 49 वर्षीय पंचायत सचिव योगेश हिर्वाने (पिता बालक राम हिर्वाने) को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
आवेदक अंकुश चौकसे (पिता स्व. संतोष चौकसे) ने अपनी पट्टे की जमीन पर निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत उकवा से एनओसी मांगी थी। आरोपी सचिव योगेश हिर्वाने ने इस एनओसी को जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद अंकुश ने जबलपुर स्थित लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

लोकायुक्त की टीम कार्रवाई करते हुए।
शिकायत वैरीफाई होने के बाद एक्शन
शिकायत के सत्यापन के दौरान भी सचिव हिर्वाने ने एक लाख रुपये की मांग की पुष्टि की थी। आज उन्हें एनओसी जारी करने के एवज में 50 हजार रुपए की पहली किस्त लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)ठ, और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पट्टे की जमीन का है मामला
अंकुश चौकसे ने बताया कि उन्हें शासन से आबादी जमीन का एक डिसमिल का पट्टा मिला है, जिस पर उन्हें भवन निर्माण करना था। इसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत उकवा से एनओसी मांगी थी। शुरुआत में प्रभारी सचिव योगेश हिर्वाने ने दो लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में यह राशि एक लाख रुपये पर तय हुई।
रिश्वत लेते दबोचा गया
जिसके बाद सचिव ने आज पहली किश्त 50 हजार रुपए देने की बात कही गई थी। जिसकी जानकारी मैने, लोकायुक्त पुलिस को दी थी। आज जब मैं 50 हजार रुपए सचिव को दिया तो लोकायुक्त की टीम जबलपुर ने तत्काल उसे रकम के साथ गिरफ्तार किया।इस ट्रेप कार्यवाही में दल प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया और लोकायुक्त जबलपुर की टीम मौजूद रही।