नेशनल हाईवे की बदहाली को लेकर हाईकोर्ट के आदेश: 15 दिनों में रिपोर्ट पेश करें; 6 माह में गड्‌ढों में तब्दील हुई 100 करोड़ की सड़क – Indore News

नेशनल हाईवे की बदहाली को लेकर हाईकोर्ट के आदेश:  15 दिनों में रिपोर्ट पेश करें; 6 माह में गड्‌ढों में तब्दील हुई 100 करोड़ की सड़क – Indore News


इंदौर से मुंबई जाने पाने राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर दुर्घटनाओं के मद्देनजर बाकानेर घाट के साइड से 77 किमी वैकल्पिक मार्ग 100 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। निर्माण के मात्र 6 माह बाद ही यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। इसे लेकर गुरुवार को हाई कोर्ट

.

यह आदेश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और विनोद कुमार द्विवेदी द्वारा सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट बीएल जैन द्वारा प्रस्तुत्त जनहित याचिका की सुनवाई के बाद जारी किया गया। याचिकाकर्ता के एडवोकेट अभिषेक सुगनावत द्वारा कोर्ट बताया गया कि राष्ट्रीय बीओटी योजनान्तर्गत फोरलेन सड़क राजमार्ग-3 के म.प्र. स्थित राऊ खलघाट सेक्शन के 77 किमी हिस्से पर बीओटी का निर्माण कार्य किया जाकर अगस्त 2009 से टोल की वसूली प्रारंभ की गई है।

इस मार्ग पर भेरूघाट और बाकानेर घाट का लगभग 9 किमी का हिस्से का जब निर्माण किया गया तो तकनीकी खामी के कारण गणेश घाट की प्रेडिवन्ट (इलाम) 6 मीटर रखी गई यानी 100 मीटर की सड़क पर 6 मीटर की ढलान है। यह बहुत ज्यादा होने के कारण वाहनों के ब्रेक यहां आकर फेल हो जाते है और ब्रेक आपस में चिपक जाते हैं। इसके साथ ही क्लच प्लेट भी खराब हो जाती है। इस कारण अगस्त 2009 से 2024 तक 3 हजार से अधिक दुर्घटनाओं में 450 से अधिक लोगो की मृत्यु हो चुकी है एवं सैकड़ों व्यक्ति दुर्घटना में अपने अंग भंग करवा चुके हैं।

बताया गया कि इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाओं में जनहानि और जन शिकायतों को देखते हुए एनएचएआई द्वारा इंदौर से मुंबई जाने बाकानेर घाट के साइड वाले हिस्से में 8.8 किमी. हिस्से में नई सड़क का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक नहीं होने के कारण 6 माह बाद ही 6 इंच बारिश में यह सड़क गड्‌ढों में तब्दील हो गई है। इसका खामियाजा आए दिन इस मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालक और यात्री भुगत रहे हैं। यह प्रोजेक्ट हरियाणा की कंपनी द्वारा जून 2023 में शुरू किया गया और 30 नवंबर 2024 में यह मार्ग आवागमन के लिए प्रारंभ कर दिया गया।

याचिकाकर्ता के एडवोकेट द्वारा बताया गया कि 15 सितंबर को रात में गड्‌ढों से बचने के फेर में एक कार अनियंत्रित हो जाने के कारण आगे चल रहे डम्पर से टकरा गई। इसमें खरगोन के एक युवा की मौत हो गई और उनके दोनों साथी को गंभीर चोटें आई हैं। इसके पूर्व भी ऐसे हादसे इस रास्ते में हो चुके हैं। दिल को दहला देने वाली घटनाओं के बाद भी निर्माण कार्य करने वाली कंपनी और विभागीय अधिकारी नहीं जागे।

इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री, सड़क परिवहन मंत्री, सचिव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को शिकायतें की गई। समस्या का निदान नहीं होने पर याचिकाकर्ता द्वारा हाई कोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत की गई। केंद्र शासन की ओर से एडिशनल सॉलीसिटर जनरल सुनील जैन ने पैरवी की। कोर्ट ने एडिशनल सॉलीसिटर जनरल को इस मामले में उपयुक्त कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए 15 दिसंबर तक कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किया है।



Source link