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What is Intercropping: विंध्य के किसानों के लिए इंटरक्रॉपिंग इस सीजन बड़ा गेमचेंजर बन गई है. उद्यानिकी विभाग की एसएसडीओ दिव्यानी सिंह राजपूत के मुताबिक, प्याज के साथ दूसरी फसल लगाकर किसान एक ही खेत से डबल कमाई कर रहे हैं. आइए जानते हैं…
राकेश पटेल/सीधी. विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए इस सीजन एक बड़ा अवसर सामने आया है. अब प्याज की खेती सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं रही. किसान इंटरक्रॉपिंग तकनीक अपनाकर प्याज के साथ धनिया पत्ती और गेंदे के फूल की खेती कर सकते हैं, जिससे खेत की उत्पादकता बढ़ेगी, लागत कम होगी और आमदनी डबल हो जाएगी. उद्यानिकी विभाग की एसएसडीओ दिव्यानी सिंह राजपूत के मुताबिक, इस समय विंध्य क्षेत्र में कई किसान इंटरक्रॉपिंग से बेहतरीन लाभ कमा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि प्याज की तीखी गंध एफिड्स और स्पाइडर माइट्स जैसे नुकसानदायक कीटों को दूर रखने में मदद करती है, जिससे पास में लगी धनिया की फसल सुरक्षित रहती है. प्याज की 4 से 6 पंक्तियां लगाने के बाद एक या दो पंक्तियां गेंदे की लगाई जाएं तो कीट पूरे खेत में फैल नहीं पाते. गेंदा प्राकृतिक कीट निवारक के रूप में काम करता है और प्याज की फसल को सुरक्षा कवच देता है. गेंदे के पौधों के लिए 45–60 सेमी की दूरी आदर्श मानी जाती है, जिससे पौधे फैलकर अच्छी बढ़वार कर सकें.
प्याज के साथ धनिया पत्ती बेस्ट
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्याज के साथ धनिया पत्ती सबसे उपयुक्त फसल है, लेकिन इसके अलावा चुकंदर, मूली और पालक जैसी सब्ज़ियां भी आसानी से पनपती हैं. खेत की खाली जगह का उपयोग धनिया की पट्टियां लगाने में किया जाए तो हर इंच जमीन उपजाऊ बनेगा और खरपतवार की समस्या भी लगभग समाप्त हो जाती है. दो फसलों को एक साथ उगाने से खेत की उत्पादकता दोगुनी होने के साथ किसानों की कमाई भी बढ़ जाती है.
इंटरक्रॉपिंग तकनीक के फायदे
इंटरक्रॉपिंग तकनीक न केवल कीटों और बीमारियों के खतरे को कम करती है, बल्कि फसल की सुरक्षा और खेत की मिट्टी की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है. दिव्यानी सिंह ने किसानों को सलाह दी कि इंटरक्रॉपिंग के दौरान वर्मी कम्पोस्ट जैसी जैविक खादों का उपयोग करें. साथ ही नीम सीड कर्नेल एक्सट्रैक्ट प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में बेहद प्रभावी है, जो कीटों के जीवन चक्र को बाधित कर फसलों को सुरक्षित रखता है.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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