ग्वालियर में साइबर ठगी मामले में 1साल बाद केस दर्ज: SBI लाइफ इंश्योरेंस ऑफिसर बनकर किया कॉल, पॉलिसी बंद का झांसा देकर ठगे 9.41 लाख – Gwalior News

ग्वालियर में साइबर ठगी मामले में 1साल बाद केस दर्ज:  SBI लाइफ इंश्योरेंस ऑफिसर बनकर किया कॉल, पॉलिसी बंद का झांसा देकर ठगे 9.41 लाख – Gwalior News



ग्वालियर में साइबर ठगी का एक अलग तरह का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का लाइफ इंश्योरेंस ऑफिसर बताकर एक व्यक्ति से उसके बैंक खाते से 9.41 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने इंश्योरेंस पॉलिसी बंद कराने का झांसा देकर व्यक्ति को बा

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घटना नवंबर 2024 की है, लेकिन मामला पुलिस में नवंबर 2025 में दर्ज किया गया। कई महीनों तक घटना का पता नहीं चल सका क्योंकि जिस मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया था वह बंद था। जैसे ही मोबाइल नंबर को ठीक कराया गया, ठगी का पता चला। अब क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

ठगी का यह था तरीका

चार शहर का नाका, हजीरा निवासी कमलेश कुमार (46) के पास 30 नवंबर 2024 को पुष्पेंद्र शर्मा नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बताया और कहा कि यदि पॉलिसी बंद करनी है तो 25 हजार रुपए जमा करने होंगे, जो बाद में पॉलिसी के साथ लौटाए जाएंगे।

कमलेश कुमार ने हां कर दी। इसके बाद उसने अपने सीनियर महेंद्र सिंह से बात की, जिन्होंने कहा कि यह रकम वकील की फीस है और हेमराज चौधरी नामक वकील उनका केस संभालेंगे।

जैसे ही कमलेश ने 25 हजार रुपए ट्रांसफर किए, ठगों ने उसके अकाउंट की सफाई शुरू कर दी। इस दौरान कमलेश का मोबाइल बंद हो गया, जिससे उन्हें ठगी का तुरंत पता नहीं चला। कुछ दिन पहले मोबाइल सही कराकर सक्रिय किया गया, तब घटना का पता चला। अब क्राइम ब्रांच ने गुरुवार रात को मामला दर्ज किया है।

9.41 लाख रुपए 12 ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर

वकील बनकर हेमराज चौधरी ने भी कमलेश से संपर्क किया और बैंक खाता नंबर और यूपीआई आईडी मांगी। उनकी बातों में आकर कमलेश ने 30 नवंबर से 18 दिसंबर 2024 के बीच फोनपे, यूपीआई, NEFT और IMPS के माध्यम से कुल 9 लाख 41 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।

इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की डिटेल खंगाली जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, OTP या यूपीआई जानकारी न दें।



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