दिव्यांग बच्चों के विकास के लिए हमीदिया में संयुक्त थेरेपी: GMC भोपाल और CRC करेंगे साथ काम, रिसर्च और सुविधाओं में भी रहेगी साझेदारी – Bhopal News

दिव्यांग बच्चों के विकास के लिए हमीदिया में संयुक्त थेरेपी:  GMC भोपाल और CRC करेंगे साथ काम, रिसर्च और सुविधाओं में भी रहेगी साझेदारी – Bhopal News



भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के शिशु रोग विभाग में बाल दिवस कार्यक्रम के दौरान GMC और दिल्ली सरकार के कौशल विकास एवं दिव्यांग-जन सशक्तिकरण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित कंपोजिट रीजनल सेंटर (CRC), भोपाल के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस

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OPD में पहले से चल रही थेरेपी, अब होगा विस्तार वर्तमान में GMCH के शिशु रोग विभाग की OPD में REIC (Regional Early Intervention Centre) की टीम सक्रिय है, जिसमें कई विशेषज्ञ थेरेपिस्ट शामिल हैं। यह टीम विकास में देरी, सीखने की समस्या, ऑटिज्म, ADHD, सेरेब्रल पाल्सी, हियरिंग इम्पेयरमेंट जैसे मामलों में बच्चों को शुरुआती हस्तक्षेप सेवाएं प्रदान कर रही है। नई साझेदारी से इन सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी।

WHO- 10 में एक बच्चा डिसऑर्डर से प्रभावित WHO के अनुसार हर 10 में से 1 बच्चा किसी न किसी न्यूरो-डेवलपमेंटल डिसऑर्डर से प्रभावित होता है। ऐसे में योग्य थेरेपिस्ट, समय पर निदान और वैज्ञानिक थेरेपी बच्चों के भविष्य के लिए बेहद अहम है। एमओयू इन सभी पहलुओं को मजबूत करेगा।

बाल दिवस पर हुई प्रतियोगिता कार्यक्रम में बच्चों को कार्टून फिल्म दिखाई गई और चित्रकला प्रतियोगिता भी कराई गई। डॉक्टरों और थेरेपिस्ट ने बच्चों को प्रोत्साहित किया कि वे बिना झिझक अपनी क्षमताओं को व्यक्त करें।

GMC और CRC की साझेदारी से यह फायदा

  • बेहतर थेरेपी सुविधाएं: ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, बिहेवियरल थेरेपी और विशेष शिक्षा सेवाओं का विस्तार।
  • अत्याधुनिक उपकरणों की पहुंच: CRC के पास मौजूद मॉडर्न मशीनें, सेंसरी इंटीग्रेशन यूनिट और GMC का मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर अब संयुक्त उपयोग में लाया जाएगा।
  • शोध और नवाचार: न्यूरो-डेवलपमेंटल डिसऑर्डर, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास तकनीकों पर संयुक्त रिसर्च।
  • एक्सपर्ट ट्रेनिंग: मेडिकल छात्रों, PGs और थेरेपिस्ट को CRC के विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग मिलेगी।
  • सिंगल-विंडो मॉडल: जिन बच्चों को मेडिकल + थेरेपी दोनों की जरूरत है, उन्हें एकीकृत प्रणाली में आसानी से सेवाएं मिलेंगी।



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