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Deepesh Awasthi Success Story: मध्य प्रदेश में सिविल जज, जूनियर डिवीजन एंट्री लेवल परीक्षा 2022 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है. छतरपुर जिले ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है. रेडियो कॉलोनी के दीपेश अवस्थी ने 30वीं रैंक हासिल की, जबकि माधोपुर गांव की ताशा परमार ने 28वीं रैंक के साथ सफलता पाई है.
MP Civil Judge Exam Result. हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट सिविल जज, जूनियर डिवीजन, एंट्री लेवल एग्जाम-2022 का अंतिम परिणाम घोषित किया है. इसमें छतरपुर से दीपेश अवस्थी और ताशा परमार ने सफलता हासिल पाई है. छतरपुर रेडियो कॉलोनी के रहने वाले दीपेश अवस्थी ने 2022 के परिणाम में 30वीं रैंक हासिल की है. वहीं छतरपुर के माधोपुर गांव की रहने वाली ताशा परमार ने 28वी रैंक पाई है.
दीपेश बताते हैं, ‘मैंने कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई छतरपुर के क्रिश्चियन इंग्लिश कॉलेज से की है. इसके बाद इंदौर चला गया और इंदौर पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की.’ प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट एंड रिसर्च कॉलेज से बीबीए किया और इसके बाद बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मार्डन मैनेजमेंट से एमबीए किया. कुछ साल मैंने असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर प्राइवेट जॉब भी की है.
MBA के बाद LLB किया
जॉब के दौरान ही पापा ने छतरपुर (घर) बुला लिया. इसके बाद LLB की पढ़ाई की. इसी दौरान कोचिंग में पढ़ने लगा तो इंटरेस्ट बढ़ गया. 2018 से तैयारी शुरू कर दी. शुरुआत में प्रीलिम्स पास नहीं हुआ. इसके बाद प्रीलिम्स कभी रुके नहीं. 9 से 10 प्रीलिम्स लिख चुका हूं. मैंने बिहार में भी इंटरव्यू दिया हुआ है. फाइनली मुझे यहां चयनित किया गया.
असफलताओं से नहीं हुए निराश
साल 2019 परीक्षा में प्रीलिम्स क्रैक किया था. मेंस के दौरान हाथ में फ्रेक्चर हो गया था. मेंस की क्लास के लिए इंदौर गया था. वहां सभी मेंस लिख रहे थे लेकिन मुझे लिखने में बहुत दिक्कत हो रही थी. डॉक्टर से रिमूवल प्लास्टर भी लगवाया, ताकि लिखने में ज्यादा दिक्कत न हो. लेकिन मुझे सफलता नहीं मिली. इसके बाद फिर से 2022 में परीक्षा दी. फाइनली इसमें हो गया. दीपेश ने बताया कि सिविल जज भर्ती 2022 का परिणाम बुधवार को आया, जिसमें 30वी रैंक आई है. ये सुनकर सभी खुश हैं.
ऐसी बनाई पढ़ाई की रणनीति
सुबह से लेकर शाम तक पढ़ता था. इस दौरान किस समय क्या पढ़ना है? ये मैंने तय कर रखा था. सब्जेक्ट वाइज पढ़ाई करता था. एक सब्जेक्ट को 2 दिन पढ़ता था. फिर दूसरे सब्जेक्ट को पढ़ता था. जैसे कोई बड़ा सब्जेक्ट होता था तो उसे 5 दिन पढ़ता था. इस तरह सभी सब्जेक्ट्स कवर करता था. साथ ही रात में भी कई सब्जेक्ट्स को कवर करता था. दीपेश बताते हैं कि घर वालों ने मेरा हर साथ दिया. फिर चाहे फाइनेंशियल स हो या मोरल. पापा हमेशा कहते थे जो तुम्हें अच्छा लगे वह करो और शायद इसलिए मुझे इस परीक्षा में सफलता मिली
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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