मऊगंज में झोपड़ी में पढ़ रहे बच्चे, स्कूल भवन जर्जर: वीडियो सामने आने पर दिखी शिक्षा व्यवस्था की हकीकत; रात को यहां बांधे जाते मवेशी – Mauganj News

मऊगंज में झोपड़ी में पढ़ रहे बच्चे, स्कूल भवन जर्जर:  वीडियो सामने आने पर दिखी शिक्षा व्यवस्था की हकीकत; रात को यहां बांधे जाते मवेशी – Mauganj News


मऊगंज के हनुमना जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पाती मिसरान में स्थित शासकीय प्राथमिक पाठशाला कोलही इन दिनों चर्चा में है। यह स्कूल किसी पक्के भवन में नहीं, बल्कि फूस और टाट से बनी एक झोपड़ी में चलाई जा रही है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

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यह वीडियो गुरुवार शाम 4 बजे से वायरल हो रहा है। इसमें मासूम बच्चे उसी झोपड़ी में पढ़ते दिखाई दे रहे हैं, जहां रात के समय मवेशी बांधे जाते हैं। यह दृश्य शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को दर्शाता है।

झोपड़ी के कारण स्टूडेंट की उपस्थिति आधी

स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार, 60 से अधिक स्टूडेंट का नाम दर्ज हैं, लेकिन भवन की कमी के कारण बच्चों की उपस्थिति आधी रह गई है। रोजाना लगभग 30 बच्चे ही इस अस्थायी झोपड़ीनुमा कक्ष में पढ़ने आते हैं।

इससे पहले, स्कूल एक पुराने जर्जर भवन में चलता था, जो बारिश और तेज हवाओं में गिरने की कगार पर था। मजबूरी में अब शिक्षा का कार्य इस झोपड़ी में जारी है, जहां बच्चों के बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है।

गांव के स्थानीय कलाकार राजेश द्विवेदी ने भी अपने गीतों के माध्यम से इस व्यवस्था को उठाया है। उनके गीत ग्रामीणों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने शासन से प्राथमिक पाठशाला कोलही के लिए जल्द से जल्द पक्का भवन स्वीकृत करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण भी आवश्यक है। वे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद कर रहे हैं।



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