Bhopal News: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन को करारा झटका दिया है. एनडीए की प्रचंड बढ़त के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की है. उन्होंने कहा, ‘जो शक था, वही हुआ’. दिग्विजय ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए संगठन पर विशेष ध्यान देने की बात कही.
दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में लिखा, “जो मेरा शक था वही हुआ. 62 लाख वोट कटे, जबकि 20 लाख वोट जुड़े, उसमें से 5 लाख वोट बिना एसआईआर फॉर्म भरे बांट दिए गए. अधिकांश वोट गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यक वर्ग के कटे.” उन्होंने ईवीएम पर भी शंका जताई, “ईवीएम पर तो शंका बनी हुई है.”
संगठनात्मक कमजोरी हार का मुख्य कारण
सलाह देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “कांग्रेस को अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. आज का चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है, न कि रैली व जनसभा का.” उन्होंने जोर देकर कहा, संगठनात्मक कमजोरी ही हार का मुख्य कारण बनी. दिग्विजय ने यह भी उल्लेख किया कि वोटों में कटौती का असर मुख्य रूप से वंचित वर्गों पर पड़ा, जो महागठबंधन का वोट बैंक रहा है.
वियजी प्रत्याशियों को बधाई दी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. एनडीए की प्रचंड बढ़त को भाजपा ने ऐतिहासिक बताया, जबकि विपक्ष ने अनियमितताओं का आरोप लगाया. दिग्विजय सिंह ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए शुभकामनाएं दीं. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यह हार कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का अवसर है. दिग्विजय का यह बयान पार्टी में बहस छेड़ सकता है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी भड़के!
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बिहार चुनाव में जीत की बधाई।
आपने बहुत मेहनत की।
64 लाख मतदाताओं के नाम काटे।
16 लाख नए मतदाताओं ने आवेदन किया आपने 21 लाख नए नाम जोड़ लिए।
धांधली पर धांधली। बेहिसाब धांधली।
भाजपा को आपसे अच्छा सहयोगी नहीं मिल सकता।