सर्दियों का मौसम शुरू होते ही ठंड हमारे शरीर की नसों और हड्डियों पर असर डालने लगती है. खासकर बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द, घुटनों में अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी आम बात हो जाती है. बाजार में कई तरह के दर्द निवारक तेल और मलहम मिलते हैं, लेकिन उनमें मौजूद केमिकल्स से कभी-कभी साइड इफेक्ट भी हो जाते हैं. ऐसे में डॉक्टर अनिल पटेल का मानना है कि अगर घर पर प्राकृतिक सामग्री से बना तेल लगाया जाए, तो इससे न सिर्फ राहत मिलती है बल्कि लंबे समय तक हड्डियों और जोड़ों की मजबूती भी बनी रहती है.
क्यों ज़रूरी है ठंड में तेल मालिश
सर्दी के मौसम में शरीर का ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों में जकड़न बढ़ती है. ठंडी हवाएँ नसों को सिकोड़ देती हैं और शरीर की लचक खत्म होने लगती है. ऐसे में अगर रोज़ हल्का गर्म तेल लगाकर मालिश की जाए, तो ये न केवल दर्द कम करता है बल्कि हड्डियों में प्राकृतिक ग्रीस (lubrication) को भी बनाए रखता है.
डॉक्टर अनिल पटेल का खास नुस्खा
डॉ. अनिल पटेल बताते हैं कि इस घरेलू तेल को बनाना बहुत ही आसान है और इसकी सामग्री हर घर में मिल जाती है. यह तेल जोड़ों के दर्द, सूजन, घुटनों की जकड़न और सर्दी में होने वाले स्नायु दर्द के लिए बहुत लाभदायक माना गया है.
तेल बनाने की सामग्री
सरसों का तेल – 200 ग्राम
लहसुन की कलियाँ – 10 से 12
अजवाइन – 1 बड़ा चम्मच
मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच
कपूर (कैंफर) – 2 से 3 टुकड़े
एक छोटी कटोरी नीम के पत्ते (वैकल्पिक)
तेल बनाने की विधि
1. पहला कदम: सबसे पहले एक लोहे की कढ़ाई में सरसों का तेल डालें और हल्की आंच पर गर्म करें.
2. दूसरा कदम: जब तेल हल्का गर्म हो जाए तो उसमें लहसुन की कलियां, अजवाइन और मेथी दाना डाल दें.
3. तीसरा कदम: अब इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक लहसुन सुनहरा न हो जाए और मेथी दाने गहरे भूरे रंग के न दिखने लगें.
4. चौथा कदम: गैस बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होने दें.
5. पांचवां कदम: जब तेल गुनगुना रह जाए तो उसमें कपूर मिलाएं और अच्छे से घोल लें ताकि वह पूरी तरह घुल जाए.
6. अंत में: तेल को छान लें और किसी कांच की बोतल में भरकर रखें.
कैसे करें इस्तेमाल
रोज़ रात को सोने से पहले इस तेल को हल्का गुनगुना करके घुटनों, कमर और अन्य दर्द वाले स्थानों पर लगाएं. हल्के हाथों से 10–15 मिनट तक मालिश करें ताकि तेल त्वचा के अंदर तक पहुंच जाए.
मालिश के बाद कपड़े से ढक लें या मोज़े पहन लें ताकि ठंडी हवा न लगे.
इस तेल के फायदे
1. घुटनों में दर्द से राहत: सरसों का तेल और लहसुन मिलकर रक्त संचार को तेज करते हैं और सूजन घटाते हैं.
2. जोड़ों में नेचुरल ग्रीस बढ़ाता है: मेथी और अजवाइन के तत्व जोड़ों में स्नेह लाते हैं जिससे चलने-फिरने में दर्द नहीं होता.
3. सर्दी-जुकाम में राहत: इस तेल की महक और गर्माहट शरीर से ठंड भगाने में मदद करती है.
4. हड्डियों की मजबूती: नियमित मालिश करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और गठिया जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है.
5. नींद बेहतर होती है: रात में हल्की गर्म मालिश से मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं और गहरी नींद आती है.
किसे लगाना चाहिए यह तेल
यह तेल सिर्फ बुजुर्गों के लिए ही नहीं बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है खासकर वे लोग जो ठंड में ज्यादा काम करते हैं, कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठते हैं, या जिनके घुटनों में दर्द शुरू हो गया है.
डॉ. अनिल पटेल की सलाह
यह तेल पूरी तरह से घरेलू और प्राकृतिक है, इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है. बस ध्यान रखें कि अगर किसी को त्वचा पर एलर्जी या जलन हो, तो पहले थोड़ा सा तेल हाथ पर लगाकर जांच लें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.