हॉस्टल की तीसरी मंजिल की छत से पुतला फेंक कर पुलिस ने किया सीन रीक्रिएशन। हादसा नहीं खुदकुशी की क्लू मिले।
ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में MBBS स्टूडेंट की मौत के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने घटना को समझने के लिए सीन रीक्रिएशन किया है। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव के मार्गदर्शन में मेडिकल स्टूडेंट की लंबाई और वजन का एक घास का पुतला तै
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जब पुतला नीचे आया तो उसी स्थान पर गिरा, जहां छात्र घटना के बाद पड़ा मिला था और पुतला की पोजिशन भी वैसी ही थी, जैसी घटना के समय पड़ी मेडिकल स्टूडेंट की थी। वहां मौजूद गवाहों के मुंह से भी निकल गया परफेक्ट।
सीन रीक्रिएशन से यह तो साफ हो गया है कि छात्र पैर लटका कर बैठा फिर कूदा है। अब पुलिस उसके मोबाइल की सीडीआर की जांच कर पता लगा रही है कि आखिरकार वह कूदा क्यों था?।
मृतक मेडिकल स्टूडेंट यशराज उइके, पीछे हॉस्टल जहां से वह गिरा।
तीसरी मंजिल की छत पर मिला मोबाइल, कई सवाल
ग्वालियर में 10 नवंबर की रात रविशंकर शुक्ल बॉयज हॉस्टल की बिल्डिंग से संदिग्ध हालात में गिरकर मेडिकल स्टूडेंट 21 वर्षीय यशराज उइके की मौत हो गई थी। छात्र को किसी ने गिरते या कूदते नहीं देखा है। यही कारण था कि कोई उसके फर्स्ट फ्लोर से गिरना बता रहा था तो कोई तीसरी मंजिल की छत से, क्योंकि छात्र का मोबाइल तीसरी मंजिल की छत पर मिला था।
यह मामला हादसा है या खुदकुशी, यह भी उलझन बराबर बनी हुई थी। पहले दिन पुलिस की जांच में कमी सामने आई थी कि फोरेंसिक एक्सपर्ट को स्पॉट पर नहीं बुलाया गया था। बुधवार को एएसपी विदिता डागर, फोरेंसिक एक्सपर्ट सीनियर साइंटिस्ट अखिलेश भार्गव के साथ स्पॉट पर पहुंचे थे और यह साफ हुआ था कि छात्र गिरा नहीं है कूदा है, लेकिन इस आशंका की पुष्टि के लिए घटना का सीन रीक्रिएशन करना बेहद जरुरी था।
पुलिस ने शुक्रवार को यह काम किया है। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव के मागदर्शन में यह सीन रीक्रिएशन किया है। अब पुलिस की थ्योरी यह सामने आ रही है कि छात्र ने सुसाइड किया था।
सुसाइड किया तो वजह क्या?, रैगिंग या लव अफेयर
पुलिस ने मेडिकल स्टूडेंट की मौत की जांच को हादसे से सुसाइड पर तो शिफ्ट कर दिया है, लेकिन अब पुलिस के सामने यह भी सवाल है कि खुदकुशी की है तो इसके पीछे वजह क्या है?। एएसपी विदिता डागर की माने तो पुलिस सभी एंगल पर जांच कर रही है।
वह जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई लव अफेयर तो नहीं था। छात्र के साथ कोई रैगिंग तो नहीं हो रही थी। फिलहाल रैगिंग का एंगल पर हॉस्टल और उसके साथी छात्र इनकार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस को 50 फीसदी से ज्यादा संभावना इसी की है। ऐसे केस में हॉस्टल, कॉलेज का काफी दबाव होता है, इसलिए साथी छात्र बोल नहीं पाते।

जहां से छात्र गिरा या कूदा, फोरेंसिक एक्सपर्ट जांच करते हुए।
छात्र का मोबाइल खोलेगा कई राज इस मामले में अब जब पुलिस की जांच सुसाइड की ओर बढ़ रही है तो पुलिस के लिए मृतक छात्र का मोबाइल बहुत अहम हो जाता है। मृतक के मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) पुलिस को मिल गई है। अभी पुलिस सीडीआर का बारीकी से अध्ययन कर रही है। कई नंबर ऐसे हैं, जिन पर मृतक छात्र की लंबी बातचीत होती थी, लेकिन पुलिस अभी इन मोबाइल नंबर धारकों को टटोल रही है। जल्द पुलिस सीडीआर को स्कैन कर कुछ नतीजे पर पहुंचेगी।
झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया-
मेडिकल स्टूडेंट की मौत के मामले में शुक्रवार को सीन रीक्रिएशन किया गया है। फोरेंसिक एक्सपर्ट की निगरानी में यह सीन रीक्रिएशन किया गया है। मृतक के फोन की सीडीआर निकाली जा रही है।
