देश का पहला राज्य बना MP, राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर भी कैदी हो सकेंगे रिहा

देश का पहला राज्य बना MP, राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर भी कैदी हो सकेंगे रिहा


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Jabalpur News: जबलपुर सेंट्रल जेल के जेलर मदन कमलेश न्यूज़ 18 डिजिटल से कहा कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश में मध्यप्रदेश सरकार ने अभूतपूर्व निर्णय लिया है. जहां राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर आजीवन कारावास के 32 कैदियों को समय के पूर्व रिहाई मिलेगी

राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस मतलब 15 नवंबर को कैदियों को रिहा करने वाला राज्य मध्यप्रदेश, देश का अब पहला राज्य होगा. जहां जनजाति गौरव दिवस पर कैदियों को रिहा किया जाएगा. यह रिहाई अच्छे आचरण और सजा की अवधि पूरी होने पर मिलेगी. इसके पहले कैदियों को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 14 अप्रैल अंबेडकर जयंती, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती पर रिहा किया जाता था. अब इन चार अवसरों के अलावा पांचवा अवसर राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस मतलब 15 नवंबर होगा.

जबलपुर सेंट्रल जेल के जेलर मदन कमलेश न्यूज़ 18 डिजिटल से कहा कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल के निर्देश में मध्यप्रदेश सरकार ने अभूतपूर्व निर्णय लिया है. जहां राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर आजीवन कारावास के 32 कैदियों को समय के पूर्व रिहाई मिलेगी. इनमें से 6 बंदी आदिवासी समाज के हैं. उन्होंने बताया जारी आदेश के अनुसार भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय लिया गया है. जहां 15 नवंबर राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर आजीवन कारावास के बंदियों को शासन द्वारा समय से पूर्व रिहा किए जाने की शुरुआत हुई है.

32 कैदी सहित जबलपुर के 6 कैदी होंगे रिहा
जेलर मदन कमलेश ने बताया सेंट्रल जेल जबलपुर में आजीवन कारावास के 6 दंडित बंदियों को भी रिहा किया जाएगा. जिसमें पांच पुरुष बंदी और एक महिला बंदिनी शामिल है. अपने अनुभव साझा करते हुए जेलर ने बताया कभी-कभी ऐसा भी होता था कि बंदियों के दिन रिहा करने के दौराम कम पड़ जाते थे और फिर उन्हें लंबे समय का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब चार दिवसों के अलावा पांचवा दिवस 15 नवंबर राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस होगा. जहां आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को उनके अच्छे आचरण के चलते रिहा किया जा सकेगा.

जबलपुर सेंट्रल जेल से यह कैदी हो रहे रिहा
जबलपुर सेंट्रल जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे है. इन बंदियों को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस 15 नवंबर को रिहा किया जाएगा. जिसमें जबलपुर शहपुरा की महिला दंडित बंदी ज्योति राजपूत, कटनी जिले के राजेश यादव, राजेश तिवारी और मुकंदी खान होशंगाबाद के खुली जेल जबलपुर में बंद कसूर चंद्र बल पारडी और छिंदवाड़ा के शेख इरफान को रिहा किया जाएगा.

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