प्यार कब, कैसे और किससे हो जाए, ये कोई नहीं जानता. यह बात साबित करती है खंडवा जिले के टाकली कला गांव के रहने वाले जयदीप कुशवाहा और सूरत शहर की भाग्यश्री की खूबसूरत प्रेम कहानी. दो अलग-अलग राज्य, अलग परिवेश, अलग संस्कृति… फिर भी दिलों ने न सीमाएं देखीं और न समाज की बंदिशें.
कॉलेज से शुरू हुआ प्यार का सफर
जयदीप और भाग्यश्री की कहानी साल 2017–18 में शुरू हुई, जब दोनों खरगोन में पढ़ाई कर रहे थे. कॉलेज में मुलाकातें हुईं, दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई. उनके बीच अपनापन और भरोसा इतना मजबूत था कि कॉलेज खत्म होने के बाद भी दोनों का साथ फोन और सोशल मीडिया के जरिए चलता रहा.
दूरी बढ़ी, पर रिश्ता और मजबूत हो गया
कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में भाग्यश्री अपने परिवार के साथ सूरत चली गईं, जबकि जयदीप खंडवा लौट आए. लेकिन इस दूरी ने उनके रिश्ते को कमजोर नहीं किया, बल्कि दोनों को ये यकीन दिला दिया कि वे एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते.
शादी का फैसला हिम्मत, विश्वास और सच्चा साथ
साल 2021 में भाग्यश्री ने जयदीप से कहा कि उन्हें अपने रिश्ते को शादी में बदल देना चाहिए. जयदीप ने दोस्तों और पत्रकार साथी के रूप में काम करने वाले साथियों से सलाह ली. सभी ने हिम्मत दी “अगर प्यार सच्चा है तो कदम बढ़ाने में देर मत करो. ” और फिर क्या था… जयदीप 500 KM दूर सूरत पहुंचे, भाग्यश्री को साथ लेकर वापस आए और दोनों ने खंडवा स्थित आर्य समाज मंदिर में आपसी सहमति से शादी कर ली.
परिवार की हां प्यार जीत गया सबकुछ
शुरुआत में परिवारों को सामाजिक अंतर, गांव-शहर की दूरी और समाज के कारण चिंता थी. पर धीरे-धीरे प्यार, समझदारी और समय ने सबकुछ आसान कर दिया. आज दोनों परिवारों के बीच शानदार रिश्ता है आना जाना, मिलना-जुलना… सब सामान्य और सुखद है.
अब एक प्यारा सा परिवार
आज जयदीप और भाग्यश्री एक प्यारी सी तीन साल की बेटी के माता-पिता हैं. उनकी जिंदगी प्यार, सम्मान और समझदारी से भरी हुई है. जयदीप कहते हैं कि हमारी कहानी बताती है कि अगर दिल साफ हो, इरादे मजबूत हों और प्यार सच्चा हो,तो समाज, दूरी या हालात कोई भी रिश्ते को रोक नहीं सकते. प्यार, विश्वास और परिवार ये तीनों मिलकर ही जिंदगी को खूबसूरत बनाते हैं.
इस लव स्टोरी की सीख
सच्चा प्यार दूरी नहीं देखता
परिवार समय के साथ मान भी जाता है
विश्वास हर रिश्ते की नींव है
सही साथी जीवन को खूबसूरत बना देता है.