IND vs SA: साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत को अपने ही घर में करारी हार का सामना करना पड़ा है. अफ्रीकी टीम ने 15 साल से भारत में चल रहे जीत के सूखे को खत्म किया. हार के बाद हजारों सवाल गंभीर की कोचिंग पर बरस चुके हैं. वहीं, दूसरी तरफ जीत के जश्न के बीच अफ्रीकी कप्तान बावुमा टीम इंडिया को खुली चेतावनी दे गए. बावुमा ने इस मुकाबले में मुश्किल पिच पर बल्ले से दमदार पारी खेली. दूसरी पारी में अर्धशतक ठोक टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. 124 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए गंभीर की टीम 93 पर ही सिमट गई.
क्या बोले टेम्बा बावुमा?
जीत के बाद बावुमा ने कहा, ‘यह काफी रोमांचक था. आप इस तरह के मैचों का हिस्सा बनना चाहते हैं और जाहिर है नतीजे के सही पक्ष में होना चाहते हैं. मुझे लगता है कि हमने जितना हो सके अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की. हमें पता था कि बल्ले से मुश्किल होगी, हमारे लिए मुश्किल थी, लेकिन हमें जो भी था उसका फायदा उठाना था. मुझे लगता है कि हमने इसे खूबसूरती से किया. सौभाग्य से चीजें काफी अच्छी रहीं. हमारे गेंदबाजों ने हमें मैच में वापस ला दिया, लेकिन बॉश के साथ और मुझे लगता है कि मार्को के साथ भी, दिन के अंत में हुई साझेदारी ने हमें थोड़ा प्रोत्साहन दिया कि हम आज सुबह थोड़ा बेहतर खेल सकें.
यह हर बार नहीं होता- बावुमा
उन्होंने आगे कहा, ‘यह उतना ज़ोरदार नहीं था, लेकिन हम साझेदारी करने में कामयाब रहे. हमने जितना हो सके मैच में बने रहने की कोशिश की. ऐसा हर बार नहीं होता कि आप 120-125 रन बनाकर जीत का स्कोर बना लें. यह बस मैच में बने रहने और विश्वास बनाए रखने की बात थी. आप वाकई अपने खिलाड़ियों जितने ही अच्छे हैं. बल्लेबाजी के लिहाज से, मैं खुद के साथ, अपनी तकनीक के साथ सहज हूँ और ट्रिगर वगैरह की चिंता नहीं करता.’
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किस इरादे से भारत आए बावुमा?
बावुमा ने बताया, ‘मुझे खेल की अच्छी समझ है. मैं भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के इरादे से आया हूं. इन परिस्थितियों में मेरे रिकॉर्ड बहुत अच्छे नहीं हैं. इसलिए, इन परिस्थितियों को सीखने और उन छोटी-छोटी चीजों को लागू करने की मेरी कोशिशों से मैं टीम के लिए योगदान देता रहूं. यह मेरे उत्साह का एक हिस्सा है. लेग स्पिन को थोड़ा खोलना जिस तरह से मैं खेल रहा था, वह बस एक जागरूकता थी. सौभाग्य से, मैंने कुछ पारियाँ खेली हैं, इसलिए मैं समझता हूँ कि आपको थोड़े-बहुत बदलाव करने पड़ते हैं.’