खाद न मिलने पर नर्मदापुरम में युवाओं का चक्काजाम: आरोप- सुबह से लाइन में लगे थे; गोदाम प्रभारी बोले- CCTV फुटेज चेक कराओ – narmadapuram (hoshangabad) News

खाद न मिलने पर नर्मदापुरम में युवाओं का चक्काजाम:  आरोप- सुबह से लाइन में लगे थे; गोदाम प्रभारी बोले- CCTV फुटेज चेक कराओ – narmadapuram (hoshangabad) News


खाद के लिए सड़क पर लेटे युवा किसान।

नर्मदापुरम में सोमवार शाम करीब 6 बजे खाद वितरण में देरी के विरोध में दर्जनभर युवा किसान सड़क पर बैठ गए और कुछ देर के लिए चक्काजाम की स्थिति बन गई।

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किसानों का कहना था कि वे सुबह से डबल लॉक गोदाम पर कतार में लगे थे, लेकिन वितरण समय समाप्त होने का हवाला देकर उन्हें खाद देने से मना कर दिया गया। इससे नाराज युवक गोदाम से करीब 400 मीटर दूर अनाज मंडी गेट के सामने पहुंचे और सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ किसान सड़क पर लेट भी गए, जिससे करीब 15 मिनट तक हंगामा चलता रहा।

आरोप- धीमी गति वितरण, चुनिंदा को प्राथमिकता सूचना मिलने पर देहात थाने का पुलिसबल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने आरोप लगाया कि शाम 5.45 बजे गोदाम प्रभारी संजय शुक्ला ने बची हुई कतार में मौजूद लगभग 12 किसानों से कहा कि वे अगले दिन आएं। उनका आरोप था कि वितरण धीमी गति से किया जा रहा है और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

गोदाम प्रभारी संजय शुक्ला ने मौके पर पहुंचे।

गोदाम प्रभारी संजय शुक्ला ने मौके पर पहुंचे।

गोदाम प्रभारी बोले- CCTV चैक करवाइए इसी बीच मौके पर पहुंचे गोदाम प्रभारी संजय शुक्ला ने कहा कि खाद वितरण निर्धारित समय के अनुसार हो रहा है और किसी तरह की भीड़ या अव्यवस्था नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इच्छुक किसान सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकते हैं कि चक्काजाम करने वाले कितने लोग वास्तव में गोदाम तक पहुंचे थे।

नायब तहसीलदार हंसकुमार ओनकर ने बताया कि वे स्वयं व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। बाद में जिन किसानों के टोकन थे, उनके नाम दर्ज किए गए और उन्हें मंगलवार को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया।

पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया।

पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया।

‘बार-बार अगले दिन आने को कहा जाता है’ समझाइश के बाद सड़क बैठे किसान उठकर वापस गोदाम पहुंच गए। किसानों का कहना है कि गोदाम प्रभारी का व्यवहार उचित नहीं है और कई बार सर्वर, स्टॉक या समय का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। किसान योगेंद्र निमोदा ने बताया कि उनका 5 और 6 अक्टूबर का टोकन है, लेकिन उन्हें बार-बार अगले दिन आने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि वे पैसे देकर खाद खरीद रहे हैं, इसलिए व्यवहार सम्मानजनक होना चाहिए।

गोदाम प्रभारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रोजाना लगभग 100 किसानों को खाद दी जाती है, लेकिन सोमवार को सर्वर धीमा होने के कारण सिर्फ 65 किसानों तक वितरण हो पाया। उन्होंने बताया कि वितरण का निर्धारित समय दोपहर 3.30 बजे तक है, फिर भी वे शाम 6 बजे तक काम करते हैं, लेकिन उसके बाद दबाव बनाना उचित नहीं है क्योंकि नकद राशि की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर रहती है।



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