राजगढ़ में रबी सीजन शुरू होने के आधे महीने बाद भी खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से नाराज किसानों ने सोमवार सुबह चक्काजाम कर दिया। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर कुंडीबे जोड़ पर हुए इस प्रदर्शन के कारण राजगढ़-खुजनेर मार्ग पर लगभग ढाई घंटे तक याताय
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किसानों का आरोप है कि वे मोहनपुरा परियोजना प्रबंधन से पिछले एक साल से लगातार पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भी पानी दिलाने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। रबी सीजन के महत्वपूर्ण समय में भी पानी न मिलने से किसानों में भारी असंतोष है।
इसी असंतोष के चलते किसानों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और प्रेशराइज्ड सिंचाई लाइन को तत्काल चालू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान किसान यूनियन के महेंद्रसिंह तोमर और पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी ने भी किसानों का समर्थन किया।
सूचना मिलने पर प्रशासनिक दल किसानों को समझाने मौके पर पहुंचा। तहसीलदार अनिल शर्मा ने स्थिति संभाली, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। पूर्व विधायक कल्पोनी ने कहा, “हम इस मांग को लंबे समय से उठाते आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई, इसलिए किसानों को सड़क पर आना पड़ा।”
कोलूखेड़ी, गेहूंखेड़ी, राजपुरा, नानागांव, बरखेड़ा, चांदपुरा, कुंडीबे, मोरपीपली, मोतीपुरा, तलाईखेड़ा, हताईखेड़ा, खारचाखेड़ी, सरेड़ी, हरजीपुरा, वीरेंद्रपुरा, मनोहरपुरा, जोगीपुरा, फुलखेड़ी, करेड़ा, खेड़ी, खेरासी, भारतपुरा सहित 25 से अधिक गांवों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों को फसल नुकसान की आशंका है। किसानों ने पिछले साल भी इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था और कई बार मांग पत्र दिए थे, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
एम्बुलेंस सहित फंसे वाहन, ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा ढाई घंटे तक बंद रहे राजगढ़-खुजनेर मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन फंसे रहे। एसडीओपी अरविंद सिंह और टीआई अखिलेश वर्मा मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस व गंभीर मरीजों को पहले बाहर निकाला। स्थिति बिगड़ती देख जिला मुख्यालय से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। खिलचीपुर नाके से पचोर की ओर जाने वाले वाहनों को चाटूखेड़ा जोड़ से मोड़ा गया।
लिखित आश्वासन मिलने पर जाम खत्म हुआ आखिरकार मोहनपुरा परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लंबे संवाद के बाद किसानों ने लिखित आश्वासन पर सहमति जताई। विभाग के अनुसार, 20 नवंबर तक रोज्या पंप हाउस का काम पूरा कर पानी छोड़ा जाएगा। ईई संदीप दुबे ने कहा- “20 नवंबर को हर हाल में पानी छोड़ा जाएगा, इसके बाद किसानों को परेशानी नहीं होगी।”