Ground Report: भोपाल में कड़ाके की ठंड! रैन बसेरों का सच उजागर, हीटर से लेकर बेड तक की व्यवस्था, लेकिन ये क्या?

Ground Report: भोपाल में कड़ाके की ठंड! रैन बसेरों का सच उजागर, हीटर से लेकर बेड तक की व्यवस्था, लेकिन ये क्या?


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Bhopal News, Ground Report: सर्द रातों में भोपाल के बेघर लोगों के लिए रैन बसेरे सहारा बनते हैं, परंतु सुविधाओं की स्थिति मिश्रित है. यादगार पार्क वाले रैन बसेरे में साफ-सफाई, कंबल और हीटर का इंतजाम है, जबकि वॉटर कूलर और टीवी खराब मिले.

भोपाल. सर्दी ने अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया है. दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. ऐसे में बेसहारा और बेघर लोगों के लिए शहर में मौजूद रेन बसेरा ही एकमात्र सहारा है. यहां शाम होते ही शहर के प्रमुख रेन बसेरों पर लोगों की भीड़ जुटने लगती है. लोकल 18 के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का क्या हाल है और लोगों के ठहरने की कैसी व्यवस्था है.

लोकल 18 की टीम यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे पर जब पहुंची, तो यहां बाहर कुछ बेसहारा लोग बैठे नजर आए. रैन बसेरा में अंदर और बाहर इस बार साफ-सफाई का इंतजाम किया जा रहा है. लोकल 18 से बात करते हुए केयर टेकर आरिफ ने बताया कि यहां हीटर से लेकर अलाव तक हर तरह का सामान पर्याप्त रूप से मौजूद है. साथ ही यहां कंबल-रजाई भी जरूरत के हिसाब से मौजूद हैं.

आरिफ ने बताया कि यहां करीब 180 बेड का इंतजाम हैं. इसके अलावा यहां जरूरत पड़ने पर अलग से भी पोर्टेबल बेड लगाकर बिस्तर लगाए जाते हैं. वहीं यहां रात गुजारने 250 से ज्यादा लोगों का आना होता है. हालांकि यहां पर कड़ाके की ठंड को देखते हुए हीटर और अलाव का इंतजाम भी किया गया है.

महीनों से रह रहे कई लोग
लोकल 18 से बात करते हुए यहां करीब 6 महीनों से रहने वाले अंतर सिंह ने बताया कि मैं मूल रूप से सीहोर जिले का रहने वाला हूं. पहले मैं यहां मजदूरी करता था और शाम होते ही इसी रेन बसेरा में रुकने के लिए आ जाता था. मगर काम के दौरान मेरा एक्सीडेंट हो गया और पैर टूट गया. इसके बाद पिछले 6 महीने से मैं यहीं पर रह रहा हूं और यहां की कर्मचारी ही मेरी देखभाल करते हैं.

वॉटर कूलर के आसपास गंदगी
हालांकि रेन बसेरा के अंदर लगे वॉटर कूलर के चारों तरफ गंदगी का अंबार है और तुरंत सफाई की जरूरत है. वहीं वॉटर कूलर में से पानी भी नहीं आ रहा था. साथ ही टीवी भी बंद पड़ी हुई थी. हालांकि सर्दी से बचने के लिए हीटर जरूर लगाए गए हैं.

अन्य जगहों पर हाल बुरे
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर बने रैन बसेरा में यात्रियों के लिए पर्याप्त कंबल नहीं हैं. यहां रहने वाले लोग पानी की कमी से परेशान होते हैं. कर्मियों के कमरों में दरवाजे नहीं हैं, भीड़ बढ़ने इन्हीं कमरों में ठहराते हैं. हीटर-एग्जॉस्ट फैन भी यहां नहीं है. साथ ही कैमरे चालू हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखे.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has… और पढ़ें

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भोपाल में कड़ाके की ठंड! रैन बसेरों का सच उजागर, हीटर से लेकर बेड की व्यवस्था



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