कारपेंटर को मिली ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह, 7 साल बाद वापसी करेगा तेज गेंदबाज

कारपेंटर को मिली ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह, 7 साल बाद वापसी करेगा तेज गेंदबाज


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क्रिकेट के मैदान पर उतरने से पहले कारपेटंर का काम करने वाले डॉगेट को ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिलना कोई नई बात नही है. ऐशेज से पहले उन्हें पहली बार 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन वह बेंच से आगे नहीं बढ़ सके.

कारपेंटर से क्रिकेटर बने एक तेज गेंदबाज की 7 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में वापसी

नई दिल्ली. सात साल की लंबी जद्दोजहद, अनगिनत मेहनत और हार न मानने वाली जिद आखिरकार ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ ब्रेंडन डॉगेट ने टीम में दमदार वापसी कर ली है. कभी किरदारों के पीछे छुपा हुआ नाम, आज अपनी कड़ी मेहनत से एशेज़ जैसी प्रतिष्ठित जंग में उतरने को तैयार है. यह सिर्फ टीम में वापसी नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो बताती है कि सपने इंतज़ार नहीं करते उन्हें पूरा करने के लिए जुनून चाहिए, हिम्मत चाहिए और दिल में वो आग चाहिए जो किसी भी setback को comeback में बदल दे.

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को सात वर्षों बाद एक परिचित नाम फिर सुनाई दे रहा है ब्रेंडन डॉगेट. लगातार प्रदर्शन और जुझारूपन के दम पर इस तेज़ गेंदबाज़ ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की है डॉगेट अब प्रतिष्ठित एशेज़ सीरीज़ में अपनी रफ़्तार और स्विंग से प्रभाव छोड़ने को तैयार है. उनकी एंट्री टीम के लिए ऊर्जा, और उनके करियर के लिए एक नया अध्याय मानी जा रही है. अगर वह 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में उतरते हैं, तो यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा दिन होगा.

कारपेंटर के क्रिकेटर बनने की कहानी

क्रिकेट के मैदान पर उतरने से पहले कारपेटंर का काम करने वाले डॉगेट को ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिलना कोई नई बात नही है. उन्हें पहली बार 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन वह बेंच से आगे नहीं बढ़ सके. फिर 2024 में भारत के खिलाफ श्रृंखला के दौरान हेजलवुड के इंजर्ड होने पर दोबारा बुलाया गया. इंडिया-ए के खिलाफ उनका पांच विकेट हॉल टीम मैनेजमेंट की नजरों में आ गया, लेकिन तब भी डेब्यू नहीं मिला. अब तीसरी बार जब उनका नाम टेस्ट टीम में आया है, तो इस बार हालात उनके पक्ष में हैं. अगर वह डेब्यू करते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट खेलने वाले 472वें खिलाड़ी बन जाएंगे. हेजलवुड और सीन एबॉट के चोटिल होने से डॉगेट का खेलना तय माना जा रहा है.

सात साल में घरेलू रिकॉर्ड बेमिसाल

सपनों का रास्ता कभी आसान नहीं होताऔर ब्रेंडन डॉगेट इसका जीता-जागता सबूत हैं. सात साल तक मैदान से दूर रहकर भी उन्होंने मेहनत, जुनून और यकीन नहीं छोड़ाडॉगेट ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. 115 मैचों में 259 विकेट अपने आप में बताता है कि यह पेसर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी लाइन-अप को मजबूती देने की क्षमता रखता है. तेज गेंदबाजी में गति ही नही, बल्कि लगातार लंबी लाइन-लेंथ पर हिट करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है. टुवुंबा में कारपेंटर के तौर पर काम करने से लेकर ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट टीम के दरवाजे तक का सफर डॉगेट की कहानी प्रेरणा से भरी है. ऑस्ट्रेलिया टीम के दरवाज़े फिर से उनके लिए खुले हैं और तेज़ गेंदों की गूंज अब एशेज़ में सुनाई देगी. यह सिर्फ कमबैक नहीं, एक संदेश है अगर हिम्मत बड़ी हो तो कोई ब्रेक कभी करियर नहीं रोक सकता.

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