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Chhatarpur News: यह लकड़ी खेतों में वर्षों लगी रहती है लेकिन खराब नहीं होती क्योंकि करदई लकड़ी पानी में सड़ती नहीं है, इसलिए यह मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली होती है. अगर आप इसे दो साल तक भी पानी में रखेंगे, तो भी सड़ेगी नहीं.
छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक ऐसा पेड़ भी पाया जाता है, जो अपने विशेष गुणों के लिए जाना जाता है. आज भी इस लकड़ी से मजबूत घर बनाए जाते हैं. हालांकि यह पेड़ पहाड़ी इलाकों में ही देखने को मिलता है. किसानों के मुताबिक, इस पेड़ की लकड़ी पानी में भी सड़ती नहीं है. साथ ही यह हमें आसानी से बिना खर्च मिल जाती है. इस लकड़ी की खासियत यह है कि यह गीली होने पर भी जलती है. तो आइए जानते हैं इस पेड़ की खासियतों के बारे में.
पानी में भी नहीं सड़ती लकड़ी
किसान बताते हैं कि करदई पेड़ की लकड़ी किसान भाइयों को फ्री में मिल जाती है. वे इस लकड़ी से खेत की बाउंड्री बनाते हैं ताकि आवारा जानवरों से फसल सुरक्षित हो सके. यह लकड़ी खेतों में सालों लगी रहती है लेकिन खराब नहीं होती है क्योंकि करदई लकड़ी पानी में सड़ती नहीं है, इसलिए यह लकड़ी मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली होती है. अगर आप इसे दो साल तक भी पानी में डालकर रखेंगे, तो भी यह सड़ती नहीं है. हम यह देखते आए हैं, इसलिए इस लकड़ी की विशेषता बता रहे हैं.
गीली होने पर भी जल जाती है
आसपास के लोग इसे 12 महीने घर में जलाने के लिए भी ले जाते हैं. इस लकड़ी की दूसरी खासियत यह है कि इसे बरसात हो या फिर ठंड, सभी तरह के मौसम में जलाया जाता है क्योंकि यह लकड़ी गीली होने पर भी सूखी लकड़ी की तरह ही जलती है.
लकड़ी से बनते हैं मजबूत घर
वह आगे बताते हैं कि करदई लकड़ी के घर भी बनाए जाते हैं और यह घर बहुत ही मजबूत होते हैं. यह लकड़ी मजबूत होने के चलते लोग आज भी इसके घर बनाते हैं. यह किसान भाइयों को फ्री में मिल जाती है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.