बुरहानपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं, नशीले पदार्थों के सेवन और मानसिक तनाव को देखते हुए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य मिशन के तहत मंगलवार को एक शिविर का आयोजन किया गया। मनकक्ष जिला चिकित्सालय बुरहानपुर की टीम ने सामुदायिक स
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शिविर में गर्भवती माताओं के प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी के महत्व, तथा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित सभी ग्रामीणों का स्वास्थ्य मूल्यांकन किया गया और तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन तथा मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए मुफ्त जांच व परामर्श प्रदान किया गया।
टीम ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध ‘मनहित’ ऐप और मानसिक आपातकालीन हेल्पलाइन 14416 के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। लोगों को नशे से दूरी बनाने, अंधविश्वासों और भ्रांतियों से बचने, तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते आत्महत्या के आंकड़ों को कम करना, नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाना और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता व समर्थन को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में मनकक्ष विभाग, जिला बुरहानपुर से डॉ. निखिल चौधरी (मेडिकल ऑफिसर), मनकक्ष टीम और सीएचसी नेपानगर से डॉ. हिमांशु (मेडिकल ऑफिसर) व स्टाफ उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में मरीज, उनके परिजन और ग्रामीण इस शिविर में शामिल हुए।


