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Khargone News: संतोष नाथ लोकल 18 को बताते हैं कि यह वाद्ययंत्र हिरण के सींग और घोड़े के बालों का बनता है. सींग का ऊपरी हिस्सा इसका मुख्य भाग होता है और बांधने के लिए रस्सी की जगह घोड़े की पूंछ के बालों का इस्तेमाल किया जाता है.
खरगोन. निमाड़ अपने अनोखे रीति-रिवाज, लोक संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं के लिए पहचाना जाता है. देवउठनी एकादशी के बाद एक ऐसी परंपरा की गूंज खरगोन की गलियों में फिर सुनाई देने लगी है, जिसकी शुरुआत उज्जैन के राजा भर्तृहरि ने की थी. इस परंपरा के तरह खरगोन में नाथ समुदाय के लोग गली-गली घूमकर अनोखी सारंगी बजाते हैं और निमाड़ी बोली में शिव गीत गाकर लोगों में भक्ति जगाते हैं. इस अनोखी परंपरा को निभा रहे संतोष नाथ लोकल 18 को बताते हैं कि नाथ पंथ की उत्पत्ति से जुड़ी एक पुरानी कथा भी लोगों में प्रचलित है. मान्यता है कि जब नौ नारायण धरती पर अवतरित हुए थे, तब उन्होंने विवाह कर संसार बढ़ाने का आदेश मांगा लेकिन साथ ही शिव भक्ति के जरिए लोक जागरण की अनुमति भी मांगी. तभी से नाथ संप्रदाय के लोग शिव भक्ति का संदेश फैलाते आ रहे हैं.
इसी परंपरा की सबसे रोचक कहानी उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के भाई राजा भर्तृहरि से जुड़ी है. संतोष नाथ बताते हैं कि राजा भर्तृहरि सारंगी बजाने में निपुण थे और अपनी पत्नी पिंगला के वियोग में सारंगी बजाते थे. बाद में गुरु गोरखनाथ के मार्गदर्शन में उन्होंने भक्ति मार्ग अपनाया और सारंगी को शिव भक्ति के लिए समर्पित कर दिया. नाथ संप्रदाय में आज जो सारंगी बजाई जाती है, उसे राजा भर्तृहरि की देन माना जाता है.
बहुत खास है यह वाद्ययंत्र
संतोष नाथ यह भी बताते हैं कि यह वाद्ययंत्र हिरण के सींग और घोड़े के बालों से बनाया जाता है. सींग का ऊपरी हिस्सा इसका मुख्य भाग होता है और बांधने के लिए रस्सी की जगह घोड़े की पूंछ के बालों का उपयोग किया जाता है. यह खास सींगी सिर्फ नाथ समुदाय के लोगों के पास ही होती है. बता दें कि समुदाय के लोग खास स्थानों पर ही इसे बजाते हैं. कहते हैं कि इसे बजाने से सभी बुरी शक्तियां दूर हो जाती हैं. साथ ही कीड़े-मकोड़े भी भाग जाते हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.