एसआईआर सर्वे के लिए प्रशासन ने इस बार बीएलओ की ड्यूटी में बड़ा बदलाव कर दिया। जिले के 1871 बीएलओ में से 1000 बीएलओ बदल दिए। इन सभी पोलिंग बूथ पर स्थानीय मतदाता, स्थानीय ड्यूटी या सीमा से लगे इलाके के कर्मचारी को ही सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे
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बीएलओ ने मतदाताओं से फॉर्म भरवाकर वापस जमा करा लिया है। वहीं फॉर्म को स्कैन करते हुए ऑनलाइन डिजिटलाइज कर दिया। इस काम की गति अब तेज कर दी है। हर दिन जमा हो रहे 1 लाख मतदाताओं के फॉर्म का आंकड़ा दोगुना किया जाएगा, ताकि 4 दिसंबर से पहले ही काम निपट जाए। इस काम में लापरवाही करने वाले बीएलओ पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। तीन बीएलओ को पहले ही निलंबित कर दिया है।
इन बीएलओ ने क्षेत्र में निपटा दिया 50% काम उज्जैन दक्षिण के बीएलओ प्रकाशचंद्र चौहान व तूफानसिंह मालवीय, तराना क्षेत्र के इंदरसिंह कराड़ा, भगवानसिंह सिसौदिया और बसंतीलाल उपाध्याय, नागदा-खाचरौद क्षेत्र के पूनमचंद्र मदारिया, आशा कुंवर, संजय अरोड़ा और महिदपुर के बीएलओ प्रवीण पाठक और ओपेंद्र सिंह ने 50% से ज्यादा मतदाताओं के फॉर्म भरवाकर ऑनलाइन डिजिटलाइज भी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था करने से बेहतर मिले परिणाम ^इस बार पोलिंग बूथ के स्थानीय मतदाता, वहां ड्यूटीरत कर्मचारी या केंद्र के सबसे नजदीक का निवासी या ड्यूटीरत कर्मचारी को ही बीएलओ बनाया है। इससे आधे से ज्यादा बीएलओ बदल गए। नई व्यवस्था के अच्छे परिणाम मिले हैं। कुछ बीएलओ ने तो इतना बेहतर काम किया है कि अभी से 50-60% मतदाताओं के फॉर्म लेकर डिजिटलाइज भी कर दिया है। संदीप िंसंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी