छिंदवाड़ा जिले के बिलावरकला क्षेत्र में संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला और आदिवासी छात्रावास से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने प्रभारी प्राचार्य अनिल कुमार सूर्यवंशी, वरिष्ठ अध्यापिका सीमा अहलाद और
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तीनों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय जुन्नारदेव में अटैच किया गया है। यह कदम प्रारंभिक जांच के आधार पर उठाया गया है और आगे की जांच जारी है।
धर्मांतरण से जुड़े आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कराई थी FIR
विभाग को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्कूल और छात्रावास में पदस्थ ये तीन कर्मचारी मिलकर छात्रों और ग्रामीणों के बीच धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। शिकायत में दावा किया गया कि यह सब प्रभारी प्राचार्य की जानकारी और सहमति से किया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई, जिसके बाद विभाग ने तुरंत जांच शुरू की।
नियमों के उल्लंघन पर मांगा स्पष्टीकरण
जारी कारण बताओ नोटिस में विभाग ने कहा है कि कर्मचारियों का कथित आचरण म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1)(एक)(दो)(तीन) का उल्लंघन है। विभाग ने निर्देश दिया है कि तीनों अधिकारी आज ही अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
विभाग ने चेतावनी भी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रारंभिक जांच के दौरान संभावित प्रभाव से बचने के लिए तीनों को उनके कार्यस्थल से हटाकर बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। आगे विस्तृत जांच के लिए विशेष टीम गठित किए जाने की संभावना है।