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सर्दियों में परिवार या दोस्तों के साथ बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो विदेश जाने की बजाय मध्य प्रदेश की ये 8 खूबसूरत जगहें आपकी ट्रिप को यादगार बना सकती हैं. नदियां, पहाड़, किले, महल, मंदिर समेत हर तरह का अनुभव एक ही राज्य में मिलता है. देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में घूमने के लिए सर्दियों का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है.
सतपुड़ा की रानी कहलाने वाला पचमढ़ी सर्दियों में सबसे ज्यादा खूबसूरत लगता है. 1067 मीटर की ऊंचाई पर बस यह हिल स्टेशन बादलों, हरी वादियों और झरनों से घिरा रहता है. यहां जटा शंकर, पांडव गुफाएं, बी-फॉल्स और अप्सरा विहार जैसे स्थान प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर खींचते हैं. यहां आप जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं. धूपगढ़ का सूर्योदय और सूर्यास्त परिवार के साथ देखने का अलग ही आनंद है.

अगर आप इस सर्दी ऐतिहासिक जगहें देखना चाहते हैं, तो ग्वालियर आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है. अभेद्य ग्वालियर किला, मान मंदिर, गुजरी महल और तेली का मंदिर यहां की खास पहचान हैं. शहर में हर साल आयोजित होने वाला तानसेन संगीत समारोह पर्यटकों को खास अनुभव देता है. जय विलास पैलेस और तिघरा बांध भी परिवार के साथ घूमने लायक जगहें हैं.

जबलपुर का धुआंधार झरना अपनी 50 फीट ऊंची गिरती सफेद धारा के लिए मशहूर है. तेज आवाज के साथ गिरते पानी की धुंध ऐसा अहसास देती है, जैसे कोहरे के बादल आपके चारों ओर हों. पास ही भेड़ाघाट की संगमरमर चट्टानें नाव से देखने पर और भी चमकती नज़र आती हैं. पूर्णिमा की रात यहां का नजारा पर्यटकों का मन मोह लेता है.
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बेतवा नदी के किनारे बसी ओरछा बुंदेला राजाओं की गौरवशाली कहानियों से भरी है. राम राजा मंदिर, जहांगीर महल, चतुर्भुज मंदिर और कंचन घाट की ऐतिहासिक छतरियां यहां की पहचान हैं. महलों की जटिल नक्काशी और शांत नदी तट परिवार संग बिताने के लिए बेहतरीन है. रोमांच पसंद हो, तो बेतवा नदी में रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं.

भोपाल से कुछ दूरी पर स्थित सांची स्तूप दुनियाभर में बौद्ध कला और इतिहास के लिए प्रसिद्ध है. सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया यह स्तूप शांत वातावरण और प्राचीन वास्तुकला का अद्भुत संगम है. स्तूप की नक्काशी और विशाल संरचना फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए भी शानदार लोकेशन है.

चंदेल वंश द्वारा बनवाए गए खजुराहो मंदिर अपनी विश्व प्रसिद्ध नक्काशियों के लिए जाने जाते हैं. यहां की मूर्तियों में संगीत, नृत्य, दैनिक जीवन और प्रेम के सूक्ष्म दृश्य उकेरे गए हैं. यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. सर्दियों में यहां की सैर बेहद सुखद होती है.

नर्मदा-कावेरी के संगम पर स्थित ओंकारेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. ओंकारेश्वर मंदिर, केदारेश्वर और प्राचीन गुफाओं के दर्शन भक्तों को आध्यात्म से जोड़ते हैं. शांत घाट, पहाड़ियों के बीच बहती नदी और आध्यात्मिक वातावरण इसे सर्दियों में घूमने के लिए एक खास जगह बनाते हैं.

महेश्वर अपनी ऐतिहासिक पहचान, अहिल्या किला और नर्मदा घाटों की शांति के लिए मशहूर है. यहां शाम की नर्मदा आरती मन को सुकून देती है. महेश्वरी साड़ियां दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं, जिनका बुनाई कौशल यहां की पहचान है. काशी विश्वनाथ सहित कई प्राचीन मंदिर और नदी में नाव की सैर इस यात्रा को और यादगार बनाते हैं. थोड़ी ही दूरी पर हजार धाराओं में बहती नर्मदा का दृश्य भी बेहद शानदार होता है.