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RPF Vs GRP: जबलपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मधुर वर्मा ने बताया RPF मतलब रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जिसे रेलवे सुरक्षा बल कहा जाता है, जबकि GRP मतलब गवर्नमेंट रेलवे पुलिस, जिसे राजकीय रेलवे पुलिस कहा जाता है. आरपीएफ जहां सेंट्रल गवर्नमेंट के अधीन होती है
जब आप रेलवे स्टेशन जाते होंगे, तब आरपीएफ और जीआरपी का नाम सुनते ही होंगे. फिर आप भी कंफ्यूज जरूर हो जाते होंगे क्योंकि दिखने में सभी को यह पुलिस एक जैसी लगती है. क्या दोनों के काम अलग-अलग होते हैं या फिर एक ही, आईए जानते हैं. दरअसल, जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही अलग-अलग है. जिनके नाम अलग होने के साथ ही इसके कार्य भी एक दूसरे से अलग हैं.
भारतीय रेल दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. जहां रोजाना करोड़ों लोग रेलवे में यात्रा करते हैं, यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की भी सुरक्षा करना भारतीय रेल की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. जिसकी सारी जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी के कंधों पर होती है. जब भी हम स्टेशन पहुंचते हैं. तब हमें यह पुलिस दिखाई देती है, लेकिन हम उनके बीच अंतर नहीं कर पाते और दोनों को ही एक जैसा समझ लेते हैं. जबकि दोनों के कार्य अलग-अलग होते हैं.
इस तरह होता हैं RPF और GRP में अंतर
जबलपुर मंडल के सीनियर डीसीएम मधुर वर्मा ने बताया RPF मतलब रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स जिसे रेलवे सुरक्षा बल कहा जाता है, जबकि GRP मतलब गवर्नमेंट रेलवे पुलिस, जिसे राजकीय रेलवे पुलिस कहा जाता है. आरपीएफ जहां सेंट्रल गवर्नमेंट के अधीन होती है, वहीं जीआरपी राज्य पुलिस के अधीन होती है.आरपीएफ ट्रेन की संपत्ति के नुकसान और रेलवे की ट्रेनों की निगरानी को देखती हैं वहीं जीआरपी पुलिस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तत्पर रहती है. मतलब स्टेशन और ट्रेन में रेलवे की संपत्ति से हुई छेड़खानी और नुकसान के लिए RPF एक्शन लेती है. दूसरी तरफ यात्रियों के साथ चोरी बदसलूकी या किसी एक्सीडेंट को लेकर जीआरपी पुलिस एक्शन लेती है.
आरपीएफ पुलिस जीआरपी को केस सौंप देती
उदाहरण के तौर पर यदि किसी यात्री का बैग चोरी होता है या फिर छेड़खानी होती है तब जीआरपी मामला दर्ज करती है, जहां पीड़ित को जीआरपी पुलिस के पास जाना होता है. हालांकि यह बात जरूर है, यदि पीड़ित धोखे से या अनजाने में भी RPF पुलिस के पास जाएगा. आरपीएफ पुलिस जीआरपी को केस सौंप देती है.जीआरपी पुलिस के पास भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई करने के पूरे अधिकार होते हैं, जबकि आरपीएफ के साथ ऐसा नहीं होता, आरपीएफ को कुछ ही अधिकार दिए गए हैं, जिसमें महज भारतीय दंड संहिता के 29 धाराएं ही शामिल हैं. इन धाराओं के तहत आरपीएफ रेलवे संपत्ति के नुकसान, स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना या फिर परिसर में अतिक्रमण जैसे मामलों पर ही कार्रवाई कर सकती है.
दोनों वर्दी में जीआरपी और आरपीएफ लिखा होता
अमूमन आरपीएफ की कार्रवाई में सिर्फ चालानी कार्रवाई होती है, जहां दोषियों को चालानी कार्रवाई के बाद छोड़ दिया जाता है, जबकि जीआरपी पुलिस आरोपियों को जेल तक भेजने का काम करती है.जीआरपी और आरपीएफ की वर्दी में एक छोटा सा अंतर होता है, दोनों की ही वर्दी में जीआरपी और आरपीएफ लिखा होता है. जीआरपी पुलिस और आरपीएफ पुलिस की पोस्ट या चौकी संभवत हर स्टेशन में होती है. जहां जवान तैनात होते हैं.