बैतूल के कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं की गंभीर शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने गुरुवार को सख्त कार्रवाई की है। परिसर की अधीक्षिका ज्योति विजयकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भोजन की खराब गुणवत्ता और परिसर में गंदगी को लेक
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लगभग 100 छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर भोजन की खराब गुणवत्ता, खाद्यान्न में इल्लियां मिलने, शौचालय-स्नानागार की गंदगी, शुद्ध पेयजल की कमी और अधीक्षिका व कर्मचारियों के अनुचित व्यवहार संबंधी शिकायतें दर्ज कराई थीं।
कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल द्वारा की गई जांच में छात्राओं की सभी प्रमुख शिकायतें सही पाई गईं। जांच दल ने भोजन के लिए उपयोग हो रहे चावल में इल्लियां एवं घुन मिलने, स्टोर रूम में चूहे की गंदगी और छात्रावास परिसर तथा शौचालय-बाथरूम में भारी गंदगी जैसी गंभीर अनियमितताएं पाईं।
इस गंभीर मामले को देखते हुए अधीक्षिका ज्योति विजयकर को कारण-बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनका उत्तर असंतोषजनक पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई, क्योंकि छात्रावास में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में अव्यवस्थाएं लंबे समय से बनी हुई थीं। छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में उन्हें गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया।
प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत ज्योति विजयकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बैतूल निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। छात्रावास की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ललिता रावसे, प्राथमिक शिक्षक, प्राथमिक शाला चिखलीआमढाना को कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल की अधीक्षिका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।