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Agreculture News: किसान पुष्पेंद्र सिंह ने न्यूज़ 18 ने कहा कि किसान चाहें तो कुछ उन्नत किस्मों की बुवाई दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक भी कर सकते हैं. देर से बुआई के बावजूद ये किस्में अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखती हैं. उन्होंने HD 2851, WBW 173, श्रीराम सुपर 303 और WH 1124 को विंध्य क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त बताया है.
मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्रों में इस बार मौसम ने किसानों के लिए कमाल कर दिया है. ठंडी हवाएं, हल्का कोहरा और बादलों की चादर सब मिलकर गेहूं की बुआई के लिए एकदम आदर्श माहौल बना रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक 15 नवंबर से दिसंबर के पहले सप्ताह तक का समय गेहूं की बुवाई के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. इस बार मौसम उसी के हिसाब से पूरी तरह अनुकूल चल रहा है.
गेहूं रबी सीजन की फसल है, जिसे ठंडा और शुष्क मौसम खूब पसंद आता है. 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान और रात की ठंड फसल की ग्रोथ को तेज करती है. कोहरे और हल्की धूप का संतुलन मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है.
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में करें बुवाई
कृषि विशेषज्ञ किसान राम अवतार सिंह बताते हैं कि खेतों में बनी नमी के कारण गेहूं की बुआई तेज़ी से चल रही है. उन्होंने कहा यह ठंड हमारे लिए वरदान है. नमी बनी रहेगी, फसल मजबूत होगी और समय पर बुआई पूरी हो पाएगी. अभी तक बादल और ठंडी हवा से किसी भी फसल को नुकसान नहीं है. इधर किसान पुष्पेंद्र सिंह ने न्यूज़ 18 को बताया कि किसान चाहें तो कुछ उन्नत किस्मों की बुवाई दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक भी कर सकते हैं. देर से बुआई के बावजूद ये किस्में अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखती हैं. उन्होंने HD 2851, WBW 173, श्रीराम सुपर 303 और WH 1124 को विंध्य क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त बताया है.
WH 1124 कम दिनों में हो जाता है तैयार
HD 2851 पीले और भूरे रस्ट के प्रति बेहद प्रतिरोधी है और मोटे दानों के कारण बाजार में अच्छी कीमत पाती है. WBW 173 सूखा-सहिष्णु और प्रोटीन से भरपूर किस्म है, जबकि श्रीराम सुपर 303 मोटे, वजनदार दानों और ज्यादा उपज के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है. WH 1124 कम दिनों में तैयार होने वाली किस्म है, जो रस्ट बीमारियों से सुरक्षित रहती है और बेकरी उद्योग में खूब पसंद की जाती है.