खराब माहौल के कारण छोड़ा टेस्ट क्रिकेट, पूर्व क्रिकेटर का टीम मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप, विराट-रोहित का खुलेआम किया सपोर्ट

खराब माहौल के कारण छोड़ा टेस्ट क्रिकेट, पूर्व क्रिकेटर का टीम मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप, विराट-रोहित का खुलेआम किया सपोर्ट


विराट कोहली और रोहित शर्मा टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन टीम के खराब माहौल के कारण उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलना छोड़ना पड़ा. ऐसा कहना है भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी का. अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि गैर-जरूरी बदलाव के कारण टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अपने दिग्गज खिलाड़ियों को खो दिया. जबकि ये दोनों ही बल्लेबाज टेस्ट खेलते रहना चाहते थे.

पूर्व क्रिकेटर का टीम मैनेजमेंट पर बड़ा आरोप

विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने इस साल मई में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से एक हफ्ते पहले ही टेस्ट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी. मनोज तिवारी ने इसके लिए भारतीय टीम मैनजेमेंट को जिम्मेदार ठहराया है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली चौंकाने वाली हार के लिए टीम के ट्रांजिशन को जिम्मेदार ठहराने वाले हेड कोच गौतम गंभीर के बयान पर अपने विचार शेयर करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि हमारे देश में इतने बड़े टैलेंट को देखते हुए ट्रांजिशन शब्द का कोई मतलब नहीं है.

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विराट कोहली और रोहित शर्मा को बाहर कर दिया गया

मनोज तिवारी ने यह भी बताया कि विराट कोहली और रोहित शर्मा को टेस्ट फॉर्मेट में खेलने के अपने कमिटमेंट के बावजूद गैर-जरूरी ट्रांजिशन की वजह से टीम से बाहर कर दिया गया. मनोज तिवारी ने इंडिया टुडे से कहा, ‘ट्रांजिशन वाली बात से मैं सहमत नहीं हूं. भारतीय टीम को ट्रांजिशन की जरूरत नहीं है. न्यूजीलैंड या जिम्बाब्वे को ट्रांजिशन की जरूरत है. हमारा डोमेस्टिक क्रिकेट टैलेंटेड परफॉरमेंस से भरा है, कई खिलाड़ी मौकों का इंतजार कर रहे हैं.’

गंभीर पर साधा निशाना

मनोज तिवारी ने कहा, ‘इस गैर-जरूरी ट्रांजिशन की वजह से विराट और रोहित जैसे हमारे स्टार प्लेयर्स, जो टेस्ट क्रिकेट खेलते रहना चाहते थे, उन्हें खराब माहौल की वजह से टेस्ट क्रिकेट छोड़ना पड़ा. मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर स्पिन के खिलाफ अपने ही बल्लेबाजों की टेक्निक को दोष देने के लिए निशाना साधा है. मनोज तिवारी ने कहा, ‘हारने के बाद आप खिलाड़ियों की टेक्निक को दोष नहीं दे सकते. एक कोच के तौर पर आपका काम सिखाना है, दोष देना नहीं. अगर बैट्समैन का डिफेंस मजबूत नहीं था, तो उन्हें मैच से पहले ट्रेनिंग क्यों नहीं दी गई? जब वह खेलते थे, तो गंभीर खुद स्पिन के अच्छे खिलाड़ी थे, इसलिए उन्हें और सिखाना चाहिए. नतीजे भारत के पक्ष में नहीं हैं.’



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